ज्ञानपुर। कालीन नगरी में बिल्डर और प्रापर्टी डीलर बिना नक्शा और ले आउट पास कराए ही कॉलोनियां काट रहे हैं। बीडा के बाद अब विनियमित विभाग ने भी सख्ती शुरू कर दी है। बिना नक्शा और ले-आउट के कॉलोनी बनाने पर 11 कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह में सभी से जवाब मांगा है। कॉलोनाइजर समय से अगर जवाब नहीं देंगे तो उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बुलडोजर की कार्रवाई भी हो सकती है। महानगरों की तर्ज पर इन दिनों जिले में भी अवैध कॉलोनाइजरों की बाढ़ आ गई है। बगैर नगरीय प्रशासन की अनुमति के नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियां तैयार की जा रही हैं। यह कारोबार गोपीगंज और ज्ञानपुर क्षेत्र में जड़ें जमा चुका है। नियमानुसार पंजीकृत संस्था की ओर से जमीन की प्लाटिंग की जाती है। संस्था की ओर से केंद्र सरकार को आयकर अदा करने के साथ ही स्टांप ड्यूटी भी देनी पड़ती है। नियम कानून को धता बताकर ज्ञानपुर, गोपीगंज, भदोही आदि क्षेत्रों में कथित कॉलोनाइजर बड़े पैमाने पर कारोबार करने लगे हैं। भदोही के हरियांव, कुशियरा, रजपुरा बाईपास, जयरामपुर, ज्ञानपुर के वेदपुर, भिदिउरा, भुड़की सहित गोपीगंज के कुछ क्षेत्रों में तेजी से प्लाटिंग चल रही है। डीएम के निर्देश के बाद अब सख्ती शुरू हो गई है। विनियमित क्षेत्र की तरफ से कॉलोनाइजर विशंभर दयाल, रंजीत कुमार, अजीत कुमार, विशंभर कुमार, राधेश्याम रावत, रफीक, रमेश पांडेय, रियाज, मुन्नी देवी, सुरेश, दामोदार दास अग्रहरि को नोटिस भेजा गया है। विनियमित क्षेत्र कार्यालय में वैसे तो 50 कॉलोनाइजर पंजीकृत हैं लेकिन 100 से ज्यादा कॉलोनाइजर भदोही, गोपीगंज, ज्ञानपुर, नईबाजार, खमरिया, सुरियावां और घोसिया में प्लाटिंग कर रहे हैं। प्रशासन की तरफ से समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो सरकारी राजस्व को जहां नुकसान पहुंचेगा वहीं शहरीकरण के चक्कर में गांवों का भूगोल भी बदल जाएगा।