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लोकार्पण के डेढ़ वर्ष बाद भी भदोही-वाराणसी के बीच बस सेवा नहीं

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भदोही के जमुनीपुर स्थित राजकीय बस डिपो जिसको अपनी बस मिलने का इंतजार है - फोटो : BHADOHI
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भदोही। भदोही के जमुनीपुर बाईपास मार्ग पर 31 दिसंबर 2020 को जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजकीय बस डिपो का लोकार्पण किया था, तब सब को उम्मीद बंध गई थी कि अब भदोही और वाराणसी के बीच आवागमन सुगम हो जाएगा। लेकिन लोकार्पण के डेढ़ वर्ष के बाद भी अब तक न तो भदोही डिपो को अपनी बसें मिल पाईं, न ही भदोही और वाराणसी के बीच रोडवेज बसें संचालित हुईं। फिलहाल कानपुर और वाराणसी के बीच आने-जाने वाली बसों को वाया भदोही चलाया जा रहा है। भदोही में 267.35 लाख की लागत से रोडवेज बस डिपो का निर्माण कराया गया था। मुख्यमंत्री ने लोकार्पण भी कर दिया था, लेकिन इसका खास लाभ जनता को नहीं मिल पा रहा है। जो बसें जौनपुर और मिर्जापुर के बीच चलती हैं उन्हें भदोही बस स्टैंड पर रुकने और सवारी लेने के निर्देश दे दिए गए हैं, लेकिन भदोही के लोगों की मुख्य आवश्यकता वाराणसी आने-जाने की है, ये सुविधा अब तक शुरू नहीं हो सकी है। पूर्व प्रधान शीतला प्रसाद पटेल कहते हैं कि वाराणसी से कानपुर जाने वाली बसों को वाया भदोही कर दिया गया है। जिसका लाभ यहां की जनता को नहीं मिल पाता। इसी प्रकार हीरा लाल पाल ने कहा कि भदोही डिपो का असली लाभ तभी मिलेगा जब भदोही - वाराणसी पर फोकस किया जाएगा। भारी संख्या में लोग ट्रेन से आते-जाते हैं, लेकिन एक बड़ी आबादी से भदोही रेलवे स्टेशन काफी दूर है। उनके लिए बस से ही वाराणसी आवागमन लाभकारी होता है। लोकार्पण के डेढ़ वर्ष के बाद भी इस डिपो को एक भी बस न मिलना अधिकारियों की लापरवाही हो दर्शाता है। परिवहन निगम कैंट के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक महेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि फिलहाल कानपुर वाली बसों से भदोहीवासियों को सेवाएं दी जा रही हैं। भदोही-वाराणसी रूट पर दस बसों का परमिट मांगा गया है। इस पर अनुमति मिलते ही भदोही वाराणसी के बीच बसें संचालित की जाएंगी। जौनपुर और मिर्जापुर के लिए बस सेवा लोगों को मिल रही है। यह निर्देश दिए गए हैं कि बसें बस स्टेशन के अंदर तक यात्रियों को उतारें और बैठाएं।
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