ज्ञानपुर। जिले के फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से चेतावनी देने के एक वर्ष बाद भी बाजारों में सजने वाली मिठाई की दुकानों पर उत्पादन और एक्सपायरी की डेट नहीं लिखी जा रहीं है। वहीं विभागीय अधिकारियों के मात्र तेल-मसाला का सेंपल लेने तक ही सीमित हो जाने से दुकानदार ग्राहकों की सेहत बिगाड़ने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे हैं। जिले के विभिन्न बाजारों में बिना उत्पादन व एक्सपायरी डेट के हो रहीं मिठाइयों की बिक्री से विभागीय कार्यप्रणाली पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। गौरतलब हो कि पिछले साल मार्च 2020 में वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण का असर प्रभावी होते ही शासनादेश मिलने पर विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों ने ब्लाक और तहसीलवार टीम गठित करके ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया था । उस समय फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट की ओर से दूध-खोवा से बनी मिठाईयों में गड़बड़ी मिलने पर नमूने लेकर लैब में जांच के लिए भेजे गए थें। इसके अलावा जिले के दुकानदारों को चेताया गया था कि महामारी की गाइड लाइन में किसी भी प्रकार की मिठाइयों को बनाकर बेचने तक उत्पादन और समापन की तिथि काउंटर, सर्व-ट्रे, टेबल तक अंकित होने चाहिए। इसके बाद दुकानदार गाज गिरने के भय से दो-चार दिनों तक विभाग के दिशा-निर्देश का पालन औपचारिकता निभाने तक किया उसके बाद उन्हें न महामारी का भय है न विभाग का। बेखौफ होकर मानक पर खरा न उतरने वाले खाद्य तेल-घी से मिठाई बनाकर बेचा जा रहा है। इसकी नजीर चौरी, ममहर, दरुनहा, कोइरौना, गोपीगंज नगर, जंगीगंज बाजार, सीतामढ़ी, कटरा बाजार, धनतुलसी, इटहरा, बारीपुर तिराहा, ज्ञानपुर नगर, पुरानी बाजार, पाली, सुरियावां, दुर्गागंज, दानूपुर, अभोली, मोढ़, सरोई, नईबाजार-भदोही, अमवां, नटवां, लालानगर, माधोसिंह, खमरि या नगर, उगापुर, कठारी, सुभाषनगर, ठकुराइन क तारा, बसवापुर चौराहा, दानूपुर, मतेथू, पटेलनगर, सरपतहां-मुख्यालय, करियांव, ऊंज, वहिदानगर, सूफीनगर-गोधना अपनेआप में सबकुछ बयां कर रहे हैं। इस संबध में फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के चीफ फूड सेफ्टी ऑफिसर केएन त्रिपाठी ने बताया कि जांच के समय दुकानदारों को जागरुक स्वच्छता अपनाने, मानक पर खरा उतरने वाले खाद्य तेल, खोवा, दूध का प्रयोग करने हि दायत दी गई है। सीएफओ ने बताया कि होली पर्व को देखते हुए पुन:अभियान चलाकर दुकानदारों को चिन्हित किया जाएगा।