ज्ञानपुर। एसडीएम औराई बरखा सिंह ने वरासत के लंबित मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने पर तहसील के चार लेखपालों का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया। अभी तक निस्तारण क्यों नहीं किया गया, इसके लिए स्पष्टीकरण की मांग की गई है। हिदायत दी कि आईजीआरएस समेत अन्य पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें, अन्यथा सख्ती होगी।
18 जून को डीएम विशाल सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में तीनों तहसीलों की राजस्व वसूली एवं पोर्टल पर आने वाली शिकायतों की समीक्षा की थी। इसमें एसडीएम को निर्देश दिया था कि सरकारी योजनाओं के आवेदन का सत्यापन, आईजीआरएस, वरासत समेत अन्य लंबित मामलों का समय से निस्तारण कराया जाए। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ने विभागीय स्तर पर समीक्षा की। इसमें पाया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद भी वरासत दर्ज करने में बैराखास, पूरेमियां खां, मर्चवार के लेखपाल की ओर से तीन मामलों का निस्तारण नहीं किया गया। भमौरा के राजस्व गांव घटमापुर के लेखपाल रत्नेश पांडेय की ओर से एक, औरंगाबाद के राजस्व गांव बीबीपुर के लेखपाल बृजेश कुमार पाल ने एक और लालानगर के लेखपाल लवकुश कुमार ने एक मामले का निस्तारण नहीं किया। एसडीएम ने लापरवाही बरतने पर चारों लेखपालों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया।