ज्ञानपुर। जिला पंचायत की बैठक बृहस्पतिवार सभागार में अध्यक्ष अनिरूद्ध त्रिपाठी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पौधरोपण अभियान को सफल बनाने की दिशा में सबकी भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ ही गांवों में नाला-नाली सफाई कार्यों की संस्तुति हुई। वहीं बैठक अनुपस्थित रहने वाले आठ अधिकारियों का जिला पंचायत अध्यक्ष ने एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति की।
जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सदस्यों समेत सदन के कर्मचारी, जिला स्तरीय अधिकारियों को जो जिम्मेदारी दी गई है। उसे पूरी गंभीरता से निभाएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 22 जुलाई को बड़े स्तर पर पौधरापण होना है। जिसमें हम सभी की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। इस कार्य में किसी भी स्तर से लापरवाही न बरती जाए। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने गांवों में नाला-नाली सफाई की बात उठाई। बताया कि मानसून सीजन होन के कारण गांवों में जलनिकासी की दुर्व्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। बीमारियों का भी खतरा बढ़ा है। सदस्यों की मांग को देखते हुए गांवों की नाला-नाली सफाई कार्य की संस्तुति की गई।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला स्तरीय अधिकारियों के अधीन कई ऐसे महत्वपूर्ण कार्य लंबित हैं, जो जनहित और विकास के लक्ष्य को गति दे सकते हैं। दूसरी तरफ सदन की बैठकों में हर बार वही अधिकारी अनुपस्थित मिलते हैं। ऐसे में इनपर कार्रवाई होनी चाहिए। जिस पर जिला पंचायत अध्यक्ष आठ अधिकारियों की अनुपस्थिति आठ अधिकारियों का एक दिन के वेतन पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया। पौधरोपण के सवाल पर उन्होंने कहा कि हरित क्रांति से आने वाला भविष्य सुरक्षित रहेगा। प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य कम से कम 10 पौधों का रोपण स्वयं की भूमि में करेंगे और अपने क्षेत्रों में जन-जन को जागरूक कर लक्ष्य को पूरा कराएंगे। बैठक में डीपीआरओ राकेश यादव, बीएसए बीएन सिंह, डीसी मनरेगा राजाराम, अधिशासी अभियंता विद्युत सदर आदित्य पांडेय, ग्रामीण अभियंत्रण अख्तर अंसारी समेत विसुन कन्नौजिया, सत्यराम, राममोहन मिश्रा, सूबेदार, मनोज कमार, लालबहादुर, अवधेश, फूलचंद आदि रहे।