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चुगली, गीबत और बुराई से परहेज करें मुसलमान

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भदोही। अल मेराज ट्रस्ट की ओर से जल्लापुर नई बस्ती में बृहस्पतिवार की रात जश्ने गौसुलवरा कांफ्रेंस व नातिया मुशायरे का आयोजन किया गया। इस दौरान उलेमा ने मुसलमानों को चुगली, गीबत और बुराई से परहेज करने की नसीहत दी। वहीं मुशायरे मं शायरों ने बारगाहे नबवी में नातों का नजराना पेश किया। रातभर लोग नूरानी माहौल में जलसे का लुत्फ उठाते रहे। जलसे का आगाज हाफिज अबरेज अशर्फी के कुराने पाक की तिलावत से हुआ। शहजादे कादरिया सरदारिया खुटहन शरीफ के गद्दीनशीं मौलाना मुफ्ती एहतेशाम अहमद कादरी ने गौसे आजम की जिंदगी व उनके करामत पर रौशनी डालते हुए कहा कि गौसे आजम ने दुनिया वालो को यह दर्स दिया की बुराई, चुगली, गीबत से हर मुसलमान परहेज करे। कहा कि गौसे आजम की जिंदगी करामतों से भरी पड़ी है। वह बहुत दयालु थे और गरीबों की मदद करते नहीं थकते थे। बनारस से आए हजरत मौलाना मुफ्ती फजल अहमद मिस्बाही ने गौसे आजम से जुड़ा वाक्या बयान करते हुए कहा कि सैयदना गौस पाक इल्म हासिल करने के लिए बगदाद मोहल्ला से बाहर जा रहे थे। रास्ते में चोरों-डाकुओं ने धावा बोल दिया। लेकिन यह मंजर देख वे वहां से हटे नहीं। इतने में एक डाकू आया और पूछा कि तुम्हारे पास क्या है? इस पर आपने बता दिया कि उनके पास 40 अशर्फियां है जो मां ने दिया था। इस पर डाकुओं के सरदार ने कहा कि अगर आप ना बताते तो आपकी अशर्फियां बच जाती। इस पर गौसे आजम ने कहा कि कैसे मैं झूठ बोलता, मेरी मां ने चलने से पहले कहा था कि बेटा झूठ मत बोलना। यह बात सुनकर डाकुओं के सरदार ने तौबा कर ली और सबका लूटा हुआ माल वापस कर दिया। जलसे में शायर कासिम नदीमी, फैयाज भदोहवी, मोहम्मद हुसैन कश्मीर, जुनेद आलम आदि ने नात पाक का नजराना पेश किया। मौलाना अब्दुस्समद ने गौसे आजम के बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। सदारत मौलाना मुर्शीद अली कादरी ने किया। निजामत हाजी आजाद खां ने किया। हाफिज मेराज आलम ने मेहमानों का इस्तकबाल किया।
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