ज्ञानपुर। कालीन नगरी में खरीफ की खेती की तैयारी तेज हो गई है। खासतौर से धान की नर्सरी डालने के लिए किसान खेत की जुताई करा चुक हैं, कुछ लोग करा रहे हैं। यहां एक जून से नर्सरी डालने का कार्य शुरू कर दिया जाता है। बीते साल की अपेक्षा इस साल गेहूं की पैदावार कम हुई है। ऐसे में धान के सीजन में उत्पादन कम न होने पाए इसके लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। खेत की उर्वरा शक्ति को बढ़ाने के लिए ढैंचा भी लगाने के लिए कहा जा रहा है। जिले में 2.28 क्विंटल इसका बज भी बंटा है। मौसम विभाग के सर्वेश बरनवाल बताते हैं कि इस साल अच्छी बारिश होगी, जिले में जून के दूसरे साप्ताह में मानसून आने की उम्मीद है। किसान धान की खेती करें, इस वर्ष सूखा पड़ने की स्थिति नहीं है। कृषि विभाग के अनुसार इस साल धान की खेती के लिए कुल रकबा लगभग 35 हजार हेक्टेयर तय किया गया है। अधिक उत्पादन के लिए धान की रोपाई से पहले खेत में हरी खाद का प्रयोग किसानों को करना चाहिए। गेहूं 38 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार का लक्ष्य था, जो इस साल 32 क्विंटल प्रति हेक्टेयर ही हुआ। यानी छह क्विंटल प्रति हेक्टेयर की गिरावट आई है।