चौरी के वेदमनपुर में टूटी राजकीय नलकूप की नाली।
- फोटो : BHADOHI
ज्ञानपुर। खराब पड़े नलकूप और ध्वस्त नालियां रबी सीजन की सिंचाई पर भारी पड़ रही हैं। बिजली विभाग और नलकूप विभाग की उदासीनता से अन्नदाता परेशान हैं। जिले के 150 राजकीय नलकूपों की नालियां ध्वस्त हैं जबकि 50 से अधिक नलकूप तकनीकी खामी या ट्रांसफार्मर जलने से बंद पड़े हैं। इससे सैकड़ों हेक्टेयर खेती की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जिले में नहरों के बाद सबसे अधिक सिंचाई नलकूप से की जाती है। रबी सीजन में 50 हजार हेक्टेयर में रबी की खेती की गई है। रबी की फसलों में सरसों, चना, मटर और गेहूं की सिंचाई का समय आ चुका है लेकिन नलकूपों की खराबी से समस्या हो रही है। अभोली के राजकीय नलकूप भंडा कई माह से बंद है तो अभिया के नलकूप की नाली ध्वस्त है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में वर्तमान में कुल नौ नलकूप खराब हैं जबकि धरातल पर इनकी संख्या अधिक है। 150 से अधिक नलकूप की नालियां टूट चुकी हैं। जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। सुंदरपुर के किसान राम अकबाल तिवारी ने कहा कि किसानों के जरूरत के समय सरकारी व्यवस्थाएं धोखा दे देती हैं। जिससे उन्हें पंपिगसेट से सिंचाई करना पड़ता है। इससे उनको आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अधिशासी अभियंता नलकूप नंदलाल ने कहा कि 150 नलकूप की नालियां खराब हो चुकी हैं। इनकी मरम्मत के लिए डेढ़ करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। बजट मिलने पर नालियों को सही कराया जाएगा। बताते चलें कि जिले में कुल 521 राजकीय नलकूप स्थापित हैं। संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर अन्य बैठकों में जिलाधिकारी स्तर से विभागों को सख्त निर्देश दिया जाता है लेकिन विभागीय अधिकारी खराब पड़े नलकूप को ठीक कराने के लिए गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। अभी तक खराब पड़े नलकूपों की स्थिति जस की तस बनी है।