केएनपीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने के लिए डीएम को ज्ञापन देकर कलेक्ट्रेट से बाहर निकलते भाजप
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ज्ञानपुर। विश्वविद्यालय बनाओ संघर्ष समिति के बैनर तले छात्रनेताओं व अन्य का एक प्रतिनिधिमंडल बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी से मिला। जिसमें केएनपीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने के लिए पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा। वक्ताओं ने कहा कि राजकीय महाविद्यालय के पास खुद की 130 बीघा जमीन है। 20 विषयों से शोध एवं बीएड की व्यवस्था है। पर्याप्त भवन संग छात्रावास की सुविधा भी है जिसमें अलग-अलग संवर्ग के 10 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। प्रदेश स्तरीय पुस्तकालय, छात्रावास परिसर में बड़े स्तर पर आठ आवास हैं, जिसमें विश्वविद्यालय के लिए कार्यालय की शुरुआत की जा सकती है। 1951 में महाराजा काशी नरेश ने महाविद्यालय की शुरुआत की थी। तीन दशक से विश्वविद्यालय बनाने की मांग भी की जा रही है। मंडल स्तरीय विश्वविद्यालय बनाने के लिए सभी कोरम पूरा होने के नाते इसे विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाए। जिससे छात्र-छात्राओं को काफी सहूलियत मिलेगी और उन्हें बेहतर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष हौसिला पाठक, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह, शिवम शुक्ला, आनंद पांडेय, संतोष यादव, विनय पांडेय आदि रहे।