उन्होंने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए अफसरों को दिशा-निर्देश दिया।
श्री गोठलवाल ने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संरक्षण अभियान के जरिए सरकार मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए कटिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभाग के लोग भागीदारी देकर योजना को सफल बनाएं। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा, दो साल के बच्चों को नियमित टीकाकरण सहित अन्य कार्यों को बेहतर ढंग से करने के लिए कहा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा जिला कार्यक्रम अधिकारी, सीडीपीओ, सुपरवाईजर को विशेषकर निर्देशित किया कि गांव एवं नगरीय इलाकों में धात्रियों एवं बच्चों की देखभाल बेहतर ढंग से कराएं। उन्होंने कहा कि इस योजना के विस्तृत क्रियान्वयन के लिए जनपद स्तरीय कार्यशाला आयोजित किया जाए। जिसमें एएनएम, मुख्य सेविकाएं, आंगनवाड़ी, आशा आदि को प्रशिक्षण दिया जाए। दो-दो गांव गोद लेने वाले जिले के 29 अधिकारी भी कार्यशाला में भागीदारी लें। गांवों में अति कुपोषित, कुपोषित बच्चों को विशेष रूप से देखभाल, खाना, प्रोटीनयुक्त दवाएं दें। डीपीआरओ के माध्यम से सभी ग्राम प्रधानों को सक्रिय किया जाए। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर जिलाधिकारी नरेंद्र शंकर पांडेय, सीडीओ आरपी मिश्रा, एडीएम रमाकांत यादव, डीडीओ सुशील श्रीवास्तव, सीएमओ डा. उमाकांत, बीएसए डा. सत्य प्रकाश त्रिपाठी, डीआईओएस ओम प्रकाश गुप्त, डीपीओ नीलम मेहता, सीडीपीओ रविश्वर राव, यामिनी रंजन पटेल, उप निदेशक कृषि आरके मौर्य, कृषि अधिकारी कुलदीप मिश्रा सहित कई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।