महाराजगंज नागेश्वर महादेव मंदिर पर श्री राम कथा सुनाते वैष्णव दास महाराज। संवाद
महाराजगंज। श्रीनागेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा में सोमवार की शाम को सीताराम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन हुआ। कथावाचक श्रीश रामानुज वैष्णव दास महाराज ने कहा कि विवाह संस्कार आपके जीवन में एक नवजीवन का आरंभ है। प्रभु श्रीराम एवं माता जानकी एक साधारण मनुष्य की भांति संस्कारों में बंधकर जीवन प्रारंभ कर रहे हैं। बताया कि विवाह एक उत्कृष्ट संस्कार है। जिस विवाह में संस्कारों का समायोजन होता है, वह विवाह कुशल माना जाता है। बताया कि एक बार सीता ने शिवजी का धनुष उठा लिया था। जिसे परशुराम के अतिरिक्त और कोई नहीं उठा पाता था। राजा जनक ने यह निर्णय लिया कि जो भी शिव का धनुष उठाएगा सीता का विवाह उसी से होगा। सीता के स्वयंवर के लिए घोषणाएं कर दी गईं। स्वयंवर में भगवान राम और लक्ष्मण ने प्रतिभाग किया। वहां पर कई और राजकुमार भी आए थे पर कोई भी शिवजी के धनुष को नहीं उठा सका। भगवान राम शिव जी के धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाने लगे और धनुष टूट गया। इस मौके पर मनोज जायसवाल, विनोद साव, मंगल मोदनवाल, पिंटू मोदनवाल, विवेक दूबे, नितिन दुबे, गुड्डू सिंह आदि रहे।