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मार्च क्लोजिंग: अंतिम दिन लगभग आठ करोड़ का बजट जारी

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ज्ञानपुर। मार्च क्लोजिंग की आपाधापी शुक्रवार को सरकारी कार्यालयों में देखने को मिली। सुबह 10 बजे से देर रात तक बजट खर्च करने की आपाधापी मची रही। अंतिम दिन करोड़ों का वारा-न्यारा हुआ। कई विभागों में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट जारी हुआ, जबकि कई विभाग बजट का इंतजार करते रह गए। देर रात तक वित्त एवं कोषाधिकारी कार्यालय में काम होता रहा। कर्मचारियों के वेतन, एरियर और योजनाओं से संबंधित लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी गई।
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केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से हर साल कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च होने वाले बजट का आवंटन किया जाता है। एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष में पूरा लेखाजोखा तय किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भी योजनाओं के लिए बचे बजट को खपाने की कोशिश वैसे तो पखवाड़े भर से चल रही थी, लेकिन अंतिम दिन शुक्रवार को युद्ध स्तर पर काम हुआ। विकास भवन, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, डीआईओएस, लोक निर्माण विभाग समेत अन्य कार्यालयों में बची धनराशि को खर्च करने के लिए अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक दिन भर कार्यालय से लेकर बैंक तक का चक्कर काटते रहे। फाइलों में दस्तखत कराने के लिए डीएम कार्यालय से लेकर आवास तक अधिकारी पहुंचे। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग ने करीब दो करोड़, बेसिक शिक्षा में 50 लाख, पंचायत राज विभाग ने 50 लाख सहित अन्य विभागों ने अंतिम दिन भुगतान कराया। मार्च महीने में नजर डाली जाए तो बेसिक शिक्षा विभाग करीब आठ करोड़, लोक निर्माण विभाग 10 करोड़ सहित अन्य विभागों का करीब 30 करोड़ भुगतान हुआ।

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सभी विभाग अपने देयकों के भुगतान के लिए बिल प्रस्तुत कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार 31 मार्च की रात आठ बजे तक ही बिल स्वीकृत किए जाएंगे। इसके बाद बिल प्रस्तुत करने वालों का भुगतान अगले वित्तीय वर्ष में होगा। अंतिम दिन शाम छह बजे तक छह करोड़ 72 लाख का भुगतान किया गया- धर्मेन्द्रपति त्रिपाठी, वरिष्ठ कोषाधिकारी।
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डीएम ने किया कोषागार का निरीक्षण
ज्ञानपुर। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन शुक्रवार को जिलाधिकारी गौरांग राठी ने कोषागार का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न रजिस्टर, बक्सा, लॉकर, आय-व्यय संबंधित दस्तावेज सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों को देखा। मुख्य कोषाधिकारी धमेंद्रपति त्रिपाठी से वित्तीय वर्ष से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने बताया कि सभी विभागों व अन्य मदों में आहरण वितरण से जुड़े वित्तीय कार्य कुशलता के साथ पूर्ण हुए।
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