ज्ञानपुर। रविवार को छुट्टी के बावजूद बैंक से लेकर सरकारी कार्यालय खुले रहे। कर्मचारी हिसाब-किताब में लगे रहे। मार्च क्लोजिंग की आपाधापी ट्रेजरी में भी देखी गई। सुबह 10 बजे से देर रात तक बजट खपाने की जुगत भिड़ाई जाती रही। कई विभागों में वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन बजट जारी हुआ। कर्मचारियों के वेतन, एरियर और योजनाओं धनराशि के 22 करोड़ से अधिक के बिल कोषाधिकारी कार्यालय से जारी किए गए।
एक अप्रैल से 31 मार्च तक चलने वाले वित्तीय वर्ष में बजट की रकम खर्च करनी होती है। इसके बाद बजट की जो रकम खर्च नहीं होती वह सरेंडर कर दी जाती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट को खपाने के लिए पखवाड़े भर यत्न चल रहा था। रविवार को उनके भुगतान पर जोर रहा। विकास भवन, बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, सीएमओ कार्यालय, डीआईओएस, लोक निर्माण विभाग में दिन भर हिसाब-किताब होते रहे। बची धनराशि को खर्च करने में अधिकारी लगे रहे। भुगतान के लिए बिल लेकर कर्मचारी तक दिन भर कोषागार के चक्कर काटते रहे। खर्च करने में लोक निर्माण विभाग आगे रहा। यहां करीब 10 करोड़ से अधिक का बिल पास किया गया। कोषाधिकारी कार्यालय के मुताबिक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पंचायत राज, नगर निकाय के बजट का भुगतान किया गया। वरिष्ठ कोषाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि 31 मार्च की आठ बजे तक ही बिल स्वीकृत किए गए। इसके बाद बिल प्रस्तुत करने वालों का भुगतान अगले वित्तीय वर्ष में होगा। अंतिम दिन शाम सात बजे तक 22 करोड़ 83 लाख 10 हजार 675 रुपये का भुगतान किया गया। 80 लाख से एक करोड़ का बजट विभिन्न विभागों ने सरेंडर कर दिया।
इनसेट
एक दिन किन विभागों का कितना हुआ खर्च
विभाग - खर्च
लोक निर्माण - करीब आठ से 10 करोड़
बेसिक शिक्षा -करीब दो करोड़
माध्यमिक शिक्षा - करीब 50 लाख
पंचायत राज - करीब एक करोड़
नगर निकाय - करीब तीन करोड़
स्वास्थ्य विभाग - करीब चार करोड़
इनसेट
कई परियोजनाओं की तय होगी नई डेडलाइन
ज्ञानपुर। वित्तीय वर्ष खत्म होने के अंतिम दिन सरकारी विभागों की ओर से कार्यदायी संस्थाओं, लाभार्थियों के खाते में खूब पैसे भेजे गए, लेकिन मार्च में जिन परियोजनाओं को पूर्ण होने का समय निर्धारित था अब उनकी तिथि आगे बढ़ाई जाएगी। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभोली, पॉलिटेक्निक कॉलेज एवं आवास पिपरिस, घरांव स्थित कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय भवन सहित करीब 25 से अधिक परियोजनाएं शामिल हैं।
आचार संहिता के कारण टोल रेट में बदलाव नहीं
लोकसभा चुनाव को लेकर लागू आचार संहिता को देखते हुए वाराणसी-प्रयागराज हाईवे के लालानगर टोल प्लाजा पर वाहनों के टोल टैक्स में कोई बदहाव नहीं किया गया। टोल मैनेजर राकेश रंजन ने बताया कि आचार संहिता के कारण ऐसा निर्णय लिया गया है। आचार संहिता हटने के बाद टोल टैक्सों के मूल्यों में परिवर्तन किया जा सकता है।