उनके कब्जे से 8 आधार कार्ड, 15 कूटरचित आधार कार्ड की छाया प्रति, विभिन्न कंपनियों के कुल 47 सिम कार्ड, चार मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर व दो थंब इंप्रेशन मशीन बरामद किया गया। पूछताछ में गिरोह के सरगना आकाश बरनवाल ने बताया कि दुकान पर सिम कार्ड बिक्री के दौरान ग्राहकों से प्राप्त आधार कार्ड लेता था। इसके बाद आधार कार्ड को वह कन्हैयालाल की टिकट बुकिंग वाले दुकान पर स्कैन कराकर एडिट कराता था।
पूछताछ में बताया कि आधार कार्ड में नाम पता बदलकर बदले गए पते पर सिम चालू कर लेते हैं। इसके बाद उसे संतोष गुप्ता बेच देता था। संतोष उन सिमों को परानापुर औराई निवासी आशीष मिश्रा व अनिल मिश्रा को देता था। इससे जो लाभ होता था, वे आपस में बांट लेते थे। बीते छह वर्षों से तीनों मिलकर इस कार्य को अंजाम देते थे। एएसपी ने बताया कि फर्जी आधार से एक्टिवेट हुए सिम के माध्यम से फर्जी कृषक पंजीयन करने के साथ ही धान खरीद में ओटीपी इत्यादि प्राप्त करने में किया जाता था। बताया कि गिरोह के अन्य अपराधिक मामलों में संलिप्तता की जांच की जा रही है।