ज्ञानपुर। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की तमाम योजनाओं के बाद भी कुपोषण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। आइसीडीएस विभाग पड़ताल में सामने आया है कि डेढ़ लाख बच्चे हैं, जिसमें 12 हजार 206 बच्चे कुपोषण के शिकार हैं।
बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से उनको पौष्टिक आहार कराने में लगा है। इसके बावजूद कुपोषण पर लगाम नहीं लग पा रही है। वर्ष 2014 में प्रदेश सरकार ने सुपोषण मिशन की शुरुआत की थी। कुपोषण स्थिति का पता लगाने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन दिवस आयोजित किया जाने लगा। आंगनबाड़ी केंद्रों से गर्भवती महिलाओं व किशोरियों के पौष्टिक आहार और टीकाकरण आदि पर जोर दिया जा रहा है।