ज्ञानपुर। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान शिव के अति प्रिय सावन माह के चौथे सोमवार को श्रद्धा, विश्वास और भक्ति भावना के साथ देवाधिदेव का दर्शन पूजन किया गया। स्नान ध्यान के साथ सुबह से शुरु हुआ दर्शन पूजन का क्रम देर रात तक चलता रहा। देर शाम तक कुल 49 हजार भक्तों ने बाबा दरबार में शीष नवाया। शिवालयों में देवाधिदेव महादेव का भव्य शृंगार हुआ। मंदिर और शिवालय की आकर्षक ढंग से सजावट की गई। देवाधिदेव महादेव के अलौकिक स्वरुप का दर्शन पूजन कर निहाल हुए भक्तों के जयकारे से नगर और गांव गुंजायमान रहा।
श्रावण मास के चौथे सोमवार को जनपद के अलग-अलग शिवालयों में आस्थावानों की भीड़ जुटी। सावन के महीने में बारिश और रिमझिम फुहारों के बीच भोले के भक्तों ने शिवालयों में पहुंचकर महादेव के चरणों में शीष नवाया। भक्तों ने महादेव को वेल्वपत्र, दूध और गंगाजल चढ़ाया और उनके आशीर्वाद प्राप्त किया। भक्तों ने श्रद्धा विश्वास और भक्ति भावना के साथ देवाधिदेव का दर्शन पूजन किया।
स्नान ध्यान के साथ प्रातः काल शुरु हुआ दर्शन पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा। मंदिरों में देवाधिदेव महादेव का जहां भव्य श्रृंगार किया गया। शिवालयों की आकर्षक ढंग से सजाए गए। गोपीगंज के प्राचीन मंदिर बाबा बड़े शिव धाम, कबूतर नाथ, गोपेश्वर महादेव, सिद्धेश्वर महादेव, मनकामेश्वर महादेव, जोगीबीर, जागेश्वर महादेव, विंध्य प्रयाग के मध्य स्थित सेमराध नाथ, गंगा के तट पर विराजमान अचलेश्वरनाथ महादेव के साथ समेत अन्य मंदिरों पर प्रातः काल से ही भक्तों कतार लग गई।
देवाधिदेव महादेव का भव्य हरियाली शृंगार
ज्ञानपुर। श्रावण मास के चौथे सोमवार को जिले के विभिन्न शिवालयों में देवाधिदेव महादेव का भव्य शृंगार हुआ। ज्ञानपुर स्थित सिद्धपीठ बाबा हरिहरनाथ के साथ गोपीगंज के तिलेश्वरनाथ और बाबा बड़े शिव धाम में महादेव का सुंगधित पुष्पों और पंच द्रव्यों से विधिवत हरियाली शृंगार किया गया। सावन का सोमवार होने के कारण शाम होते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी थी। पूरे मंदिर परिसर में विधिवत संजाने के बाद महादेव की अर्धनारीश्वर रूप में भव्य शृंगार हुआ। इसके बाद महादेव की भव्य आरती उतारी गई। इस दौरान भक्तों के जयकारे से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। हरिहरनाथ में पुजारी आशीष मिश्र और बड़े शिव में आचार्य शरद पांडेय ने महादेव की विधिवत आरती उतारी। इसके बार पूरा मंदिर जयकारे से गूंज उठा।