भदोही के मामदेवपुर का मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी केंद्र जहां मशीने लग रही हैं
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भदोही। शासन की सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना के तहत शहरों में कूड़ा निस्तारण की योजना को अब जाकर गति मिली है। भदोही और नईबाजार में कोविड के समय से ही बनकर तैयार मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) को मशीनें मुहैया कराई जा सकी हैं। माना जा रहा है कि सितंबर से केंद्र काम करने लगेंगे। इससे गीले और सूखे कूड़े को अलग-अलग किया जाएगा। गीले कूड़े का खाद बनाने के काम में इस्तेमाल किया जाएगा। भदोही नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिदिन 40 टन और नईबाजार में प्रतिदिन 10 टन कूड़ा निकलता है। कूड़ा निस्तारण केंद्र न होने से दोनों ही नगरों की करीब सवा लाख की आबादी से निकलने वाला कूड़ा ईधर-उधर डंप किया जाता है। इससे लोगों को काफी समस्याएं होती हैं। भदोही शहर में कई स्थानों पर कूड़ा डंप कर काम चलाया जा रहा है। जबकि नईबाजार में एक निजी जमीन किराए पर लेकर वहां कूड़ा फेंका जाता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए शासन ने एमआरएफ केंद्रों को हरी झंडी दी थी, लेकिन कोविड काल में बन रहे इन केंद्रों पर ब्रेक लग जाने से दो वर्ष विलंब हो गया। भदोही के मामदेवपुर में तथा नईबाजार के वार्ड संख्या 8 में लगभग 34-34 लाख की लागत से एमआरएफ केंद्र बनकर तैयार हो चुका था, लेकिन मशीनें न आने से कूड़ा निस्तारण का काम लटक गया। अच्छी खबर यह है कि दोनों ही केंद्रों में मशीनें आ चुकी हैं, जिनकी स्थापना की जा रही है। सोमवार को मामदेवपुर कूड़ा निस्तारण केंद्र पहुंचे नगर पालिका के सफाई एंव खाद्य निरीक्षक मिथिलेश कुमार ने बताया कि इसका लाभ यह होगा कि यहां पूरे शहर का कूड़ा एकत्र कर गीला कचरा निकाल कर अन्य कचरे को अलग कर किया जाएगा। इसी कार्य के लिए एमआरएफ केंद्र बनाए जा रहे हैं। बताते चलें कि भदोही के काजीपुर रोड, जलालपुर, रजपूरा आदि में वर्षों से कूड़ा डंप किया जा रहा है। केंद्र का संचालन शुरू हो जाने से एक बड़ी आबादी को भारी राहत मिलेगी।
नईबाजार के एमआरएफ केंद्र में मशीनें जिन्हें लगाने का कार्य शुरू किया गया है- फोटो : BHADOHI
भदोही नगर के काजीपुर रोड पर डंप कूड़ा जिससे लोगों को निजात मिल सकती है- फोटो : BHADOHI