लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी मनमानी खर्च नहीं कर सकेंगे। उन्हें निर्वाचन आयोग को पाई-पाई का हिसाब देना होगा। आयोग ने प्रत्याशियों को वस्तुओं की मूल्य सूची जारी की है। एक समोसा आठ रुपये, एक चाय सात रुपये, लंच पैकेट के लिए 60 रुपये खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा भोजन प्रति प्लेट 90 रुपये, पानी की बोतल 20 रुपये, लड्डू प्रति पीस 10 रुपये, कॉफी के लिए 15 रुपये खर्च कर सकेंगे। प्रत्याशियों की ओर से खर्च करने की सीमा भी तय कर दी है।
आचार संहिता लगने के साथ ही चुनावी सरगर्मी बढ़ गई है। जिले में छठवें चरण में 25 मई को मतदान होना है। अबकी बार आयोग की तरफ से चुनावी खर्च पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसमें नाश्ते से लेकर भोजन व प्रचार-प्रसार की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
प्रत्याशियों को छोटे से छोटे सामान की खरीद का हिसाब देना होगा। आयोग की ओर से तय किए गए मूल्य के मुताबिक प्रत्याशी नाश्ते में पांच पूड़ी के साथ एक सब्जी और एक मिठाई के लिए 75 रुपए खर्च ही कर सकेगा। एक चाय और एक समोसे के लिए 15 रुपये, होटल किराया के लिए 1750 रुपये, लोहे के फ्रेम वाली होर्डिंग के लिए 130 रुपये, कपड़े के झंडे डंडे के लिए 250 रुपये, एक टोपी के लिए 10 रुपये, अंगौछा के लिए 75, मिनी बस रोजाना किराए पर 5500 रुपये चुनाव खर्च में जोड़ा जाएगा।
जीप, टैंपो, कार के लिए 1700 रुपये, बोलेरो, सफारी, जाइलो जैसी कार किराये पर लेने पर प्रतिदिन 2200 से 3500 रुपये तक चुनाव में खर्च करना है। वहीं ध्वनि व्यवस्था के लिए एक माइक दो हॉर्न का सेट लेने पर प्रतिदिन 500 रुपये के हिसाब से चुनाव खर्च के हिसाब से तय किया गया है। जबकि दो माइक दो हॉर्न का सेट 600, दो माइक चार हॉर्न लेने पर 800 रुपये देने होंगे। इसी तरह एंपीफायर, माइक्रोफोन प्रतिदिन लाउडस्पीकर समेत 1500 रुपये, पोडियम के साथ माइक 100 रुपये के रेट से चुनाव खर्च में दिखाना होगा।
सी-विजिल एप पर दर्ज की जा सकेगी शिकायत
लोकसभा चुनाव में सी-विजिल एप पर शिकायत दर्ज की जा सकेगी। इसमें आमजन भी उम्मीदवारों की शिकायत दर्ज करा सकेंगे। निर्वाचन आयोग की ओर से गठित जिला स्तरीय टीम 100 मिनट में कार्रवाई कर अपनी रिपोर्ट सबमिट करेगी। निर्वाचन आयोग एप के माध्यम से इस कार्रवाई पर सीधी नजर रखेगा। कंट्रोल रूम में कर्मी संबंधित कार्य शुरू कर दिए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य ने बताया कि सी-विजिल एप को ऑपरेट करना भी आसान है। इसकी खासियत है कि एप केवल लाइव फोटो व वीडियो और ऑटो लोकेशन कैप्चर करता है। ताकि उड़न दस्ते को कार्य करने के लिए डिजिटल साक्ष्य मिल सके।