ज्ञानपुर। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें कुल 54788 मामले आए थे। इनमें 49027 का निस्तारण किया गया। आपराधिक मामलों में 8.54 लाख वसूले गए। सक्सेसन लिटिगेशन में 10 कराेड़ 51 लाख 54 हजार 590 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र निर्गत किया। वहीं बैंक के मुकदमों में 56.43 लाख रुपये वसूले गए। जिला जज साकेत बिहारी दीपक ने अदालतों की कार्रवाई शुरू करते हुए कहा कि लोक अदालत मामलों के निस्तारण का सस्ता एवं समुचित साधन है। इसके माध्यम से त्वरित मामले त्वरित गति से निस्तारित होते हैं। उन्होंने न्यायालय परिसर का भ्रमण किया, वादकारियों से बात की और उनकी समस्या समाधान का भरोसा दिलाया। जिला जज ने तीन मामलों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश रत्नेशमणि त्रिपाठी ने 21 वैवाहिक मामले निबटाए। पीठाशीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण प्रकाशनाथ श्रीवास्तव ने 14, अध्यक्ष स्थायी लोक अदालत पवन कुमार तिवारी ने एक, अपर जिला जज प्रथम शैलोज चंद्रा की अदात ने सात, अपर जिला जज, विशेष न्यायाधीश, एससी एसटी एक्ट असद अहद हाशमी ने आठ, अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय लोकेश मिश्र की अदालत ने एक मामले का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सबीहा खातून ने 4094, सिविल जज सीडि आरिफ अहमद ने आठ, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरिकिरन कौर ने 725 मामले निस्तारित किए। अपर सिविल जज सीडि प्रथम ने 1020, अपर सिविल जज सिडि द्वितीय वर्णिका शुक्ला ने 1000, अपर सिविल जज सिडि तृतीय तरुणिमा पांडेय ने 910 मामलों का निस्तारण किया। अपर सिविल जज सीडि अविनाश रंजन ने 910, सिविल जज जूडि शाहनवाज मोहम्मद सिद़दीकी ने दस, न्यायिक मजिस्ट्रेट शिंचजनी यादव ने 1334 मामले निबटाए। अपर सिविल जज जूडि तृतीय कमलेश ने 1007, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय विजय चौधरी ने 1242, सिसिल जज जूडि अरिजीत सिंह ने महिला उत्पीड़न संबंधित 832 मालों का निस्तारण किया गया। बैंक संबंधित 690 वहीं राजस्व न्यायालयों के 35173 मामलों का निस्तारण किया गया। वहीं 14.45 लाख रुपये का अर्थदंड वसूला गया।