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लेबर रूम पर ताला, जिला अस्पताल से कराहती लौटी पीड़िता

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जिला अस्पताल में लेबर रूम का दरवाजा खुलवाने की कोशिश करता पीड़ित का परिजन। - फोटो : BHADOHI
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महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में उस समय बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के दावों की पोल खुल गई जब सुरियावां सीएचसी से कम खून होने के कारण रेफर की गई प्रसव पीड़िता को जिला अस्पताल के लेबर रूम पर ताला लटकता मिला। इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्य कर्मी सो रहे थे और चिकित्सक की कुर्सी खाली थी। आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों से पूछताछ करने पर वह भड़क गए। विवश होकर महिला को सुरियावां के निजी हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ा, जहां उसकी नार्मल प्रसव हुआ। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर स्वास्थ विभाग में खलबली मची है।
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अभोली ब्लाक के विजईपुर गांव निवासी अनीता देवी प्रसव पीड़ा होने पर पति कृष्ण कुमार और आशा संतरा देवी के साथ तीन नवंबर को सुरियावां सीएचसी पहुंची थी। जहां से कम खून का हवाला देकर उन्हें जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। महिला के पति का आरोप है कि जब वे जिला चिकित्सालय में पहुंचे तो लेबर रूम पर ताला लटका मिला। वहीं इमरजेंसी के स्वास्थ्यकर्मी सो रहे थे।
आशा संतरा देवी ने कहा कि प्रसव पीड़िता को दर्द होने पर परिजनों ने इसकी सूचना दी। एंबुलेंस से लेकर सीएचसी सुरियावां गई, वहां से जिला चिकित्सालय भेजा गया था। वहां जाने पर कोई मिला ही नहीं, रात में करीब चार घंटा तक पीड़िता को लेकर अस्पताल में ही बैठे थे। उसके बाद मरीज को सुभाष नगर उपकेंद्र पर लाया गया।
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महिला चिकित्सक की है कमी
सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक और सिस्टर की कमी है। जबकि लेबर रूम में तीन महिला चिकित्सक और छह नर्स होनी चाहिए, जो नहीं है। सिर्फ यहां एक महिला चिकित्सक, एक नर्स है। जो सुबह आठ बजे से लेकर दो बजे तक ऑन ड्यूटी रहती हैं, इमरजेंसी होने पर उन्हें बुलाया जाता है।
मामले की जांच की जाएगी, लेकिन जिला चिकित्सालय में महिला चिकित्सक, सिस्टर की संख्या बेहद कम है, जिसे बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। - डा. राजेंद्र कुमार, सीएमएस, जिला चिकित्सालय
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