अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम शैलोज चंद्रा की अदालत ने हत्या के दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। औराई के चकमसूद में आठ साल पूर्व युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने निर्णय सुनाया है।
अभियोजन के मुताबिक वादी मुकदमा मुनौव्वर शाह ने दो जनवरी 2015 की रात नौ बजे औराई कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया कि उसका भतीजा इकराम रात पौने आठ बजे खाना खाकर बाजार की तरफ गया था। कुछ देर बाद मुश्ताक के घर के पीछे नासिर हुसैन के घर के बगल में सीसी रोड पर अज्ञात व्यक्तियों ने भतीजे की धारदार हथियार से गला काटकर हत्या कर दी। उसके भतीजे की लाश मौके पर पड़ी मिली। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचना के दौरान आरोपी सलीम और आशिक के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में भेजा। दोषसिद्ध आशिक और सलीम की ओर से तर्क दिया गया कि वह गरीब वर्ग के व्यक्ति हैं। मुर्गा और बकरा काटकर परिवार का जीविकोपार्जन करते हैं। उनका यह पहला अपराध है। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। अभियोजन की तरफ से अधिवक्ता विकास नारायण सिंह ने तर्क दिया कि मुर्गा-बकरा काटने वाले हथियार से इकराम की हत्या की गई। कठोर सजा देते हुए क्षतिपूर्ति मृतक की पत्नी को दिया जाए। दोनों पक्षों के तर्क और बहस को सुनने के बाद न्यायाधीश शैलोज चंद्रा ने दोषसिद्ध सलीम और आशिक को आजीवन कारावास एवं 30-30 हजार अर्थदंड की सजा सुनाया है।