ज्ञानपुर। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक द्वितीय लोकेश मिश्र की अदालत ने चार साल पहले बारात में हुई कत्ल के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। चार साल पूर्व आर्केस्ट्रा के शामियाने में गोली मारकर बाराती की हुई हत्या के मामले में यह निर्णय आया है।
घटना के मुताबिक 27 जनवरी 2019 को सुनील मिश्रा निवासी सुरेरी जिला जौनपुर ने आरोप लगाया था कि उसके पट्टीदार शिव प्रकाश मिश्र के लड़के की शादी भदोही के गोपीगंज थानाक्षेत्र के धनीपुर गांव में प्रमोद मिश्र के घर तय हुई थी। 27 जनवरी को बारात आई थी। बारात में शिकायकर्ता स्वयं अपने भाई दिनेश चंद्र मिश्र (47) अपने लड़के संस्कार मिश्र के साथ आया था। द्वाराचार और खानपान के बाद जनवासे में आर्केस्ट्रा में डांस का कार्यक्रम चल रहा था। भाई मृतक दिनेश चंद्र मिश्र तीन अन्य लोगों के साथ ताश खेल रहा था। जिसमें वह जीत गया। जिसकी खुशी का इजहार करने लगा तभी बगल में बैठा दोषी वीरेंद्र मिश्र उर्फ गोलई निवासी गांव कोहड़ौरा थाना सुरेरी जिला जौनपुर ने रिवाल्वर से शिकायकर्ता के भाई दिनेश चंद्र मिश्र को गोली मार दी। घायलावस्था में गोपीगंज अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस थाना गोपीगंज की ओर से मामले में आईपीसी धारा 302 और आर्म्स एक्ट के मुकदमे में आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां गवाहों के बयानात दर्ज किए गए। बहस के दौरान आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि बारात में आर्केस्ट्रा हो रहा था। वहां पर हर्ष फायरिंग हो रही थी। मृतक को कैसे गोली लगी यह कोई नहीं जानता। महज दुश्मनीवश आरोपी को फंसाया जा रहा है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता पंकज तिवारी ने तर्क प्रस्तुत किया कि मृतक को चार फीट की दूरी से गोली मारी गई। गोली की डायरेक्शन सीधा रहा और वह शरीर के महत्वपूर्ण भाग सिर पर लगी। गवाहों ने आरोपी को गोली मारते हुए बताया। ये परिस्थितियां बताती है कि जानबूझकर गोली मारी गई। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बहस एवं तर्कों को सुनने के बाद दोषी वीरेंद्र मिश्र उर्फ गोलई को आजीवन कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।