ज्ञानपुर। जिले में गेहूं खरीद में सहयोग न देने पर सख्ती शुरू हो गई है। दो महीने 13 दिन में लक्ष्य के सापेक्ष मात्र तीन फीसदी ही खरीद हो सकी है। जिसको लेकर विपडन विभाग ने पीसीएफ, पीसीयू के प्रबंधक के खिलाफ प्रबन्ध निदेशक को पत्र लिखा, जबकि यूपीएसएस के आठ प्रभारियों को नोटिस जारी किया। माना जा रहा है कि जल्द ही प्रबन्धको पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है।
जिले में गेहूं खरीद के लिए 49 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। जिनके माध्यम से 49 हजार 500 टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य है। एक मार्च से खरीद की शुरुआत की गई है। अप्रैल के पहले सप्ताह में किसी तरह बोहनी हुई। दो महीने से अधिक समय गुजरने के बाद भी अपेक्षित खरीद नहीं हो पाई है। शासन स्तर के नोडल अधिकारी ने कुछ दिन पहले क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया था और प्रभारियों से गांवों में जाकर गेहूं खरीदने को कहा था। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे।
गेहूं बेचने के लिए तीन हजार से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया लेकिन एक हजार ने भी गेहूं नहीं बेचा है। सोमवार तक 49 क्रय केंद्रों पर मात्र 1600 टन गेहूं की खरीद हो सकी थी। इसमें 50 फीसदी खरीद विपणन विभाग के क्रय केंद्रों पर हुई है। पीसीएफ, पीसीयू और यूपीएसएस के 35 क्रय केंद्रों पर कहीं 100 क्विंटल, कहीं 200 तो कहीं 500 क्विंटल ही गेहूं खरीदा जा सका है। यह खरीद लक्ष्य का एक से डेढ़ फीसदी ही है। जिला विपणन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने कहा कि खरीद सही न होने पर पीसीएफ के प्रबंधक लक्ष्मी नारायण और पीसीयू के प्रबंधक बाल केशव पटेल के खिलाफ प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा गया है। इसी तरह खरीद एजेंसी यूपीएसएस के आठ केंद्र प्रभारियों को दूसरी नोटिस जारी की गई है।