सुरियावां। उत्तर रेलवे के प्रतापगढ़-वाराणसी रुट के सुरियावां स्टेशन पर यात्री सुविधाओं का अभाव दूर होने का नाम नहीं ले रहा है। व्यापारियों और यात्रियों की उम्मीद अब सिर्फ सांसद और विधायक से है। इस संबंध में रामेश्वर प्रसाद, जतन गुप्ता, राजकुमार, रवि, अंकित, बनारसी, विशाल, राहुल, अनिल आदि ने बताया कि लखनऊ मंडल का प्रमुख रुट और स्टेशन होने के कारण लगभग दो गांव, तीन जिले के लोगों का आवागमन ट्रेनों से होता है। लखनऊ, दिल्ली, मुंबई, गाजियाबाद, सूरत, बिहार, वाराणसी, प्रयागराज, फूलपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर सहित कई अन्य नगर-महानगर के लिए टिकट की खरीदारी कर रेलवे के राजस्व को यात्री बढ़ाते हैं। बावजूद इसके प्लेटफार्म नंबर एक-दो पर शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, सुरक्षा, यात्री सीट, पेयजल का अभाव यात्रियों को लगभग चार वर्ष से सता रहा है। करोड़ों रुपये से दोहरीकरण-विद्युतीकरण होने के बाद भी सुविधाओं में बदलाव नहीं है। दिव्यांग यात्री गिरते-उठते स्टेशन पहुंचते हैं तो सामान्य यात्री ट्रेनों का इंतजार करते समय संसाधनों की कमी का संकट झेलते हैं। स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों समेत निरीक्षण में आने वाले अधिकारियों को ज्ञापन, विरोध-प्रदर्शन कर मांग की गई जिसका असर नहीं पड़ सका। दो वर्ष से कोरोना संक्रमण के महामारी से ट्रेनों को स्पेशल का रुप देकर गाइड लाइन में यात्रा कराई जा रही है लेकि न सुविधा के नाम पर कोई पहल नहीं है। दरअसल इसका एकमात्र कारण है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि कुछ नहीं करना चाहते। जबकि लोकसभा में प्रतिभाग करने के लिए सांसद महीने में दो बार जाते हैं और विधानसभा में विधायक। स्टेशन का निरीक्षण कर सांसद-विधायक ने समस्या का समाधान नहीं कराया तो पूर्व की तरह रणनीति तैयार कर विरोध-प्रदर्शन करना विवशता बन जाएगी।