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Bhadohi News: जर्जर भवनों के पास लगेगी नौनिहालों की कक्षाएं

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ज्ञानपुर। गर्मी की छुट्टी खत्म होने के बाद शुक्रवार से विद्यालय खुल जाएंगे। साफ-सफाई संग बच्चों के स्वागत की तैयारी भी विद्यालय की ओर से की गई है, लेकिन कई जर्जर भवन नौनिहालों की परेशानी बढ़ाएंगे। नीलामी के बाद निष्प्रयोज्य भवनों को विभाग ने ढहवा दिया है, लेकिन कई स्कूल के भवन अब भी दुरुस्त नहीं हो सके हैं। जिसको लेकर शिक्षक एवं अभिभावक चिंतित है।
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जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट स्कूल चलते हैं। इसमें एक लाख 68 हजार से अधिक बच्चे पंजीकृत है। डेढ़ से दो दशक पूर्व बने भवन जर्जर होने लगे हैं। मिशन कायाकल्प, कंपोजिट ग्रांट संग अन्य मदों से मिलने वाले बजट से भवनों को बनाया जा रहा है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में स्कूल के भवन जर्जर है। करीब तीन साल पहले जर्जर भवनों की संख्या 350 से अधिक रही, लेकिन नए भवन, अतिरिक्त कक्षा कक्ष, विद्यालय मिलने के साथ ही कंपोजिट ग्रांट से काफी हद तक सुधार किया गया। 2021 से लेकर 2023 तक जर्जर भवनों की संख्या घटकर 100 के नीचे पहुंच गई है। 2023 में बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से 25 से अधिक विद्यालय भवनों का ध्वस्तीकरण कराया गया। शुक्रवार को विद्यालय खुलने के बाद जर्जर भवनों में पठन-पाठन को लेकर परेशानी बढ़ेगी।

इनसेट

केस-1ः भदोही ब्लॉक का पूर्व माध्यमिक विद्यालय अनेगपुर करीब पांच साल से जर्जर है। हर बारिश में स्कूल का भवन टपकने लगता है। स्कूल की ओर से बजट की मांग की गई, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला। इससे भवन के अंदर रखे सामान को प्लास्टिक से ढंका जाता है। भारी बारिश होने की स्थिति में विद्यालय में छुट्टी कर दी जाती है।
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केस-2- डीघ ब्लॉक के नवधन फकीरान बस्ती में भी विद्यालय का भवन जर्जर हो चुका है। इसके मरम्मत के लिए बजट तो मिला है, लेकिन अब तक निर्माण नहीं हो पाया।

इनसेट

2023 में 100 से अधिक नए भवन बनाए गए

शिक्षा विभाग के सर्वे में 2022 में 171 विद्यालय के भवन जर्जर मिले थे। विभागीय प्रस्ताव पर 12 नए स्कूल के अलावा 48 भवन एवं 51 अतिरिक्त कक्षा कक्ष के लिए बजट स्वीकृत हुआ। जिसके बाद उसका निर्माण कराया गया। कई भवन बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि कई का निर्माण अभी चल रहा है।
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वर्जन

निष्प्रयोज्य भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है। नए भवनों का निर्माण चल रहा है। 80 से 90 स्कूल भवन हल्के जर्जर हैं। उनकी मरम्मत कराई जा रही है।

- भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए
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