ज्ञानपुर। भारत-पाकिस्तान के बीच कारगिल युद्ध में भारतीय सैनिकों ने जिस शौर्य का प्रदर्शन किया। उससे पाकिस्तानियों को पीछे हटना पड़ा। भारतीय सेना के शौर्य के सामने पाकिस्तानी घुटने टेक दिए। इस युद्ध में भारत के कई सैनिकों ने बलिदान दिया था। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यह बातें शनिवार को ज्ञानपुर शहीद स्मारक के पास आयोजित कारगिल विजय दिवस संगोष्ठी में पूर्व क्षेत्रीय मंत्री काशी क्षेत्र अनिल सिंह ने कही। बताया कि कारगिल युद्ध 1999 में लगभग 2 महीने तक चला। भारत-पाक नियंत्रण रेखा के बीच हुए युद्ध में भारत के सैनिकों ने पाकिस्तानियों के साथ आतंकियों को खदेड़ दिया। यह युद्ध बेहद कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया। भारतीय सेना ने 5000 मीटर की ऊंचाई पर और अत्यंत कठिन परिस्थितियों में बहादुरी से लड़ा। जिलाध्यक्ष दीपक मिश्रा ने स्वागत किया। मौके पर औराई विधायक दीनानाथ भास्कर, पूर्व विधायक रविंद्र नाथ त्रिपाठी, रमेश पांडेय, राजेंद्र दुबे, सप्तशती गुप्ता, लालता प्रसाद सोनकर, कुंवर प्रमोद चंद्र मौर्य, सुरेंद्रनाथ पांडेय, गोवर्धन राय, मनीष पांडेय आदि रहे।