ज्ञानपुर। जिला उपभोक्ता आयोग ने सोमवार को वाहन दुर्घटना बीमा प्रकरण में परिवादी गणेश प्रसाद गिरी को 37 लाख 15 हजार 170 रुपये का चेक सौंपा। राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के निर्णय के आधार पर यह रकम परिवादी को दी गई। करीब 10 साल पुराने लंबित मामले में परिवादी को न्याय मिला। जौनपुर के कोटीगांव निवासी गणेश प्रसाद गिरी पुत्र पारस गिरी की ओर से साल 2016 में ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड मिर्जापुर और भदोही शाखा के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराते हुए परिवाद दाखिल किया गया। इसमें बताया गया कि उनका ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना के समय वाहन के सभी वैध कागजात मौजूद थे। इसके बावजूद बीमा कंपनी ने जान बूझकर बीमा क्लेम निरस्त कर दिया। जिला उपभोक्ता आयोग ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 24-ए के तहत उक्त परिवाद को खारिज कर दिया। परिवादी गणेश गिरी ने राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील दाखिल किया। आयोग ने अपील को स्वीकार करते हुए बीमा कंपनी को दुर्घटनाग्रस्त वाहन के लिए 12 लाख 37 हजार 242 की मूल बीमित राशि 60 दिन के भीतर अदा करने का आदेश दिया। इसके साथ दिसंबर 2013 से 12 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज देने का भी निर्देश दिया गया। आदेश का पालन न होने की स्थिति में ब्याज की दर 15 प्रतिशत प्रतिवर्ष निर्धारित की गई। आयोग ने परिवादी को मानसिक पीड़ा, क्षति एवं अवसाद के लिए एक लाख मुआवजा भी देने का आदेश दिया। आयोग के निर्णय के खिलाफ बीमा कंपनी ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अपील किया। इसको आयोग ने निरस्त कर दिया। इसके बाद बीमा कंपनी ने राष्ट्रीय आयोग में 37 लाख 15 हजार 170 रुपये की धनराशि जमा किया। आयोग ने उक्त रकम जिला आयोग के खाते में भेजी गई। सोमवार को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार डे, महिला सदस्य दीप्ति श्रीवास्तव एवं सदस्य विजय बहादुर सिंह ने उक्त धनराशि का चेक परिवादी गणेश गिरी को दिया।