क्षेत्र के बनकट गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को कथा वाचक आचार्य पं. बलस्टर शुक्ल महाराज ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का सुंदर वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कहा कि नटखट लाला भगवान श्री कृष्ण ने बाल रूप में अनेक लीलाएं की। उनकी हर लीला मानव जीवन को एक नया संदेश देती है। भगवान श्री कृष्ण ने यमुना नदी में रहने वाले कालिया नाग का मर्दन किया। गोपियों के साथ लीला की। बाल रूप में भगवान ने गोपियों के मटकी से माखन चुरा कर खा लिया करते थे। जब ब्रजवासियों पर विपत्ति आई तो श्री कृष्ण ने एक उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर उनकी रक्षा की। कथा सुनाते हुए कहा कि परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है। महराज जी ने कहा कि धर्म को जानने के लिए गीता, भागवत, रामायण पढ़ना चाहिए जिससे आने वाली पीढ़ी भी संस्कारी होगी।