ज्ञानपुर । जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में बुधवार को आईजीआरएस के लंबित प्रकरणों के निस्तारण की समीक्षा कलेक्ट्रेट सभागार की। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्फलाइन/सी श्रेणी में अधिक प्रकरण लंबित होने पर सभी उपजिलाधिकारियों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। इसके साथ ही डीएम ने संबंधित तहसीलदारों को भी कड़ी फटकार लगायी। डीएम ने कहा की आईजीआरएस प्रकरण में जनपद का रैकिंग बहुत ही खराब है इस लिहाज से अधिकारी इसे गंभीरता से ले अन्यथा सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वह अपने-अपने तहसीलों में आईजीआरएस निस्तारण के लिए कर्मचारियों को नियुक्त करें और उन कर्मचारियों को निर्देशित करें कि सुबह/शाम प्रतिदिन पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण करें। इस दौरान जिला पूर्ति विभाग में सबसे ज्यादा सी श्रेणी 160 मामले लंबित होने पर उन्होंने नाराजगी जतायी। कहा कि डिफाल्टर संदर्भ कोई न रहे, कोई संदर्भ अन्मार्क न रहें। अधिकारी शिकायतों की जांच के समय शिकायतकर्ता के बातों को अवश्य सुनें। बैठक में मौजूद अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि आप लोग प्रतिदिन 50-50 लोगों से रोजाना बात कर फिडबैक दें। 85 प्रतिशत लोग शिकायतों के निस्तारण से असंतुष्ट तथा 15 प्रतिशत शिकायतों के निस्तारण से संतुष्ट दिखाई दिए हैं।ई-डिस्ट्रिक मैनेजर आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, लिपिक आशीष कुमार श्रीवास्तव को निर्देश दिया कि शाम पांच बजे रोजाना अवगत कराएंगे कि आईजीआरएस पर कितनी शिकायतें प्राप्त हुई और कितनी आज निस्तारण की गई हैं। इस अवसर पर बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भानू प्रताप सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी/समस्त तहसीलदार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी समेत अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे।