रामलीला का शुभारंभ हवन-पूजन, मुकुट पूजा और दीप प्रज्जवलित करके किया गया।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि रामलीला से हमें उच्च संस्कार मिलते हैं। रामलीला भारतीय संस्कृति की पहचान है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने कभी भी मर्यादाओं को नहीं तोड़ा। भाजपा नेता राकेश दूबे कहा कि रामलीला से परिवार और व्यक्ति का निर्माण होता है। मनुष्य की मान मर्यादा ही सबकुछ है। मान मर्यादा न रही तो समझो कुछ न रहा। प्रमुख कालीन निर्यातक हाजी अब्दुल हादी अंसारी ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति का प्रतिबिंब है। इसको बनाए रखने के लिए हर प्रयत्न करना चाहिए। उन्होंने इंडोनेशिया का उदाहरण देते हुए कहा कि वह मुस्लिम देश है फिर भी वहां रामलीला होती है। बताया कि वहां की एयरलाइंस का नामकरण गरुण के नाम पर है। इस मौके पर जुटे नगर के गणमान्य घनश्याम दास गुप्ता, सुरेश अग्रवाल, नंदलाल गुप्ता, विनय गुप्ता, दिलीप गुप्ता, राजेंद्र मौर्य, जा.अजय बरनवाल, अशोक जायसवाल, पन्नालाल यादव, फूलचंद मौर्य, शहर कोतवाल अजय श्रीवास्तव समेत श्रीराम लीला परिषद के पदाधिकारीगण ने बारी बारी से दीप प्रज्जवलित कर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। पहले दिन वृंदावन से आए कलाकारों ने नारद मोह की लीला का मंचन किया। पहले दिन का कार्यक्रम आधी रात के बाद तक चला और प्रफुल्लित मन से लोग लौटे। इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत परिषद के अध्यक्ष सीताराम गुप्ता ने किया। विनीत बरनवाल, सुभाष मौर्य, भरत जायसवाल, राजेश जायसवाल, ब्रम्ह जायसवाल, रवि जायसवाल, अजय गुप्ता, सत्यप्रकाश बिंद, सत्यशील जायसवाल, धर्मराज गुप्ता, अशोक जायसवाल आदि व्यवस्था में लगे रहे।