जिला अस्पताल में भर्ती डायरिया के मरीज। संवाद
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ज्ञानपुर। बदले मौसम और जलजमाव के कारण संक्रामक बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। ऐसे में अस्पतालों में डायरिया समेत पेट दर्द और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। मंगलवार को जिला अस्पताल में पर्चा काउंटर पर काफी भीड़ रही। पर्चा बनवाने में धक्कामुक्की हुई। अस्पताल में 500 मरीजों ने उपचार कराया। करीब एक पखवारे से कभी धूप तो कभी बारिश देखने को मिल रही है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही लोगों को अस्पताल पहुंचा दे रही है। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के पर्चा काउंटर पर सुबह आठ बजे से ही भीड़ लग गई। पहले पर्चा बनवाने व लाइन तोड़ने पर भीड़ में कई बार धक्कामुक्की भी हुई। दोपहर एक बजे तक 500 मरीजों ने पर्चा बनवाकर ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया। इनमें से 250 लोग जुकाम, बुखार और पेट दर्द डायरिया से पीड़ित थे। जिला अस्पताल में देहात निवासी ज्योति (28), शिवरामपुर निवासी विभा (15) गनेश रायपुर निवासी अंजली (12), लक्ष्मी (8), वेदपुर निवासी कमला देव (55) डायरिया के इलाज के लिए पहुंचे। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रदीप यादव ने बताया कि मौसम में उतार चढ़ाव से सबसे अधिक वायरल फीवर के मरीज आ रहे हैं। वायरल, बुखार और खांसी के मरीज भी बढ़े हैं। कहा कि सफर में अपने साथ पानी रखें। हल्का और शीघ्र पचने वाला भोजन करें। बाहर जाते समय खाली पेट न जाएं। तबीयत ठीक न लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। मौसम में आए बदलाव का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। रोजाना 50 में से 30 बच्चे जिला अस्पताल में बीमारी से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। इसके अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीज उपचार करा रहे हैं। शिशु रोग विशेष डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि मौसम में बदलाव से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी पीने के साथ अन्य चीज खा लेते हैं। जिससे बीमार हो रहे है। बच्चों की सफाई पर विशेष ध्यान दिए जाने की जरूरत है।