भदोही। डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को नवाचार परिषद (आइआइसी) की बैठक का आयोजन हुआ। जिसें विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा की गई। विशिष्ट आमंत्रित सदस्य भारतीय कालीन प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइसीटी) के निदेशक प्रो. राजीव कुमार वार्ष्णेय ने बताया कि नवाचार परिषद के द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाते समय समाज की आवश्यकताओं और समस्याओं व छात्रों की ग्रामीण एवं सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
प्राचार्य प्रो. शाहिद परवेज ने कहा कि नवाचार परिषद की गतिविधियां विद्यार्थियों के उन्नयन और विकास में सहायक होती हैं। महाविद्यालय के विकास व अकादमिक गतिविधियों के मूल्यांकन से पिछली गलतियों का पता चलता है। जिससे भविष्य के लिए योजना बनाने में मदद मिलती है। नवाचार परिषद के अध्यक्ष डाॅ. अनीश कुमार मिश्र ने बताया कि नवाचार परिषद की बैठक में पिछले तीन माह के काम की समीक्षा और आगामी तीन माह के लिए गतिविधि कैलेंडर निर्धारित किया गया। बताया कि बैठक में 23 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित कार्यक्रम इंपैक्ट लेक्चर के अंतर्गत कार्यक्रम कराने का निर्णय लिया गया। इस दौरान आइआइसीटी की प्राध्यापक डा. बेट्टी दास गुप्ता ने अटल इनक्यूबेशन सेंटर, बीएचयू वाराणसी और हर प्रसाद गुप्त इनक्यूबेशन सेंटर, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी में प्रशिक्षण कराने की सलाह दी।