ज्ञानपुर। आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों के समुचित समाधान के लिए लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। जन संवाद के माध्यम से असंतुष्टों को संतुष्ट करने से जिले की रैंकिग भी सुधर रही है। जुलाई में जिले को सूबे में पहली रैंक मिली थी, जबकि अगस्त में तीसरी रैंक मिली, हालांकि पूर्वांचल में जिला अव्वल रहा। 3166 शिकायतों में 3005 का निस्तारण किया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय से गुणवत्ता परीक्षण में भी 11 शिकायतों के निस्तारण में उत्कृष्ट स्थान मिला।
सरकार की मंशा है कि जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। इसके लिए ऑनलाइन माध्यम से आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें दर्ज की जाती हैं। तहसील, विकास भवन, थाना, कलेक्ट्रेट सहित सभी सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के लिए एक समय सीमा निर्धारित होती है। ऑनलाइन शिकायतों के समाधान के लिए डीएम गौरांग राठी ने जन संवाद की नई पहल शुरू की। जिसका असर भी दिख रहा है। हर बृहस्पतिवार को होने वाले जन संवाद दिवस में आईजीआरएस सहित अन्य पोर्टल पर शिकायत करने वाले असंतुष्ट शिकायतकर्ताओं को संतुष्ट कर मामले का निस्तारण कर दिया जाता है। ई-डिस्टि्रक्ट मैनेजर आशुतोष श्रीवास्तव के मुताबिक अगस्त 2023 में कुल 3166 शिकायतें दर्ज हुई। इसमें 3005 मामलों का निस्तारण हुआ। असंतुष्ट फीडबैक में 700 मामले आए, जिसको जन संवाद के माध्यम से विभागवार 615 को संतुष्ट किया गया। शासन स्तर से जारी रैंकिग में भदोही का निस्तारण प्रतिशत 98.48 फीसदी रहा। इससे जनपद सूबे में तीसरा जबकि पूर्वांचल में पहला स्थान मिला। 80 फीसदी से अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से जुड़ी आई हैं।
ज्ञानपुर। अफसरों की लाख कवायद के बाद भी तहसीलों और थानों में शिकायतों का निस्तारण शत-प्रतिशत नहीं हो पा रहा है। तहसीलों में कानूनगो, लेखपाल संग थाने के उप निरीक्षकों की गलत रिपोर्टिंग के कारण 100 से अधिक मामले लंबित रह गए। सबसे खराब स्थिति थाना गोपीगंज, भदोही, तहसीलदार ज्ञानपुर भदोही की रही।
आईजीआरएस की शिकायतों को निस्तारण को लेकर लगातार कार्य किया जा रहा है। उसकी मॉनीटिरिंग भी की जा रही है। जिससे उसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं। जिन जगहों पर शिकायतों के निस्तारण में कुछ कमी है। उसे दूर कर लिया जाएगा। - गौरांग राठी, जिलाधिकारी।