प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी सामने आई है। कुछ लोग कागज पर कच्चा घर दिखाकर गलत तरीके से पीएम आवास का लाभ ले रहे थे। गलत सत्यापन के आधार पर आवास का लाभ पाने वाले 85 अपात्रों को चिह्नित किया गया है। डीआरडीए विभाग की ओर से सभी को नोटिस भेजकर 40-40 हजार की पहली किस्त में मिली धनराशि जमा करने का निर्देश दिया गया। पखवाड़े भर में वापस न करने पर आरसी जारी करने की चेतावनी दी गई।
गरीबों को पक्का छत देने के लिए केंद्र सरकार ने साल 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की। हर साल लक्ष्य के सापेक्ष पात्रों का चयन कर योजना का लाभ दिया गया। इसके तहत तीन किस्तो में लाभार्थियों को एक लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं। 2023-24 में 12 हजार आवास का लक्ष्य मिला है, जिसमें सचिवों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों के खाते में पहली, दूसरी और तीसरी किस्त की धनराशि भेजी गई।
चौरी के दरूनहां समेत कई गांव से मिली शिकायत के बाद विभाग ने जांच कराई तो 85 ऐसे लाभार्थी मिले, जिनके पास पहले से ही पक्के मकान थे। सत्यापन के समय उनके तथ्य को छिपाया गया। पुराने कच्चे घर और मड़हे को दिखाकर आवास को आवंटित करा दिया गया। अब ऐसे अपात्रों से रिकवरी कराने की कवायद में विभाग जुट गया है। 85 अपात्रों के खाते में करीब 32 लाख रुपये भेजे जा चुके हैं। विभाग ने इनसे यह राशि वापस करने के लिए कहा है। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
वर्जन
गलत सत्यापन से 85 अपात्रों के खाते में 40-40 हजार की पहली किस्त जा चुकी है। उनसे वसूली के लिए नोटिस भेजा गया है। 15 दिनों में पैसा वापस न करने पर आरसी जारी की जाएगी। -आदित्य कुमार, पीडी डीआरडीए।
200 से अधिक आवास अब भी अधूरे
ग्राम प्रधानों, सचिवों और लाभार्थियों की मनमानी से 546 ग्राम पंचायतों में अब भी 200 से अधिक आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं। किसी की छत पूरी नहीं हो पाई है तो किसी का प्लास्टर नहीं हो सका है। चौरी के रोटहां, भदोही के पिपरिस में तीन से चार साल पहले स्वीकृत आवास अब भी आधे अधूरे हैं। इससे सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है।
अब तक 38 हजार को मिल चुका है आवास
परियोजना निदेशक आदित्य कुमार ने बताया कि साल 2016-17 से अब तक 38,546 लोगों का आवास पूर्ण हो चुका है। लाभार्थियों और ग्राम प्रधान की उदासीनता से कुछ आवास पूर्ण नहीं हो सके हैं। जिसे पूर्ण कराने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। जो पीएम आवास बन गए हैं, या बन रहे हैं, गठित टीम उनका स्थलीय जांच कर रही है।