ज्ञानपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नारायण सिंह की अदालत ने दहेज की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के दोषी पति को तीन साल कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। करीब 15 साल पूर्व के मुकदमे में कोर्ट ने निर्णय सुनाया।
10 सितंबर 2009 को दुर्गागंज थाने में वादी ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि उसकी बेटी को दहेज के लिए आत्महत्या के लिए उकसाया गया। जिससे उसकी मौत हो गई। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपपत्र न्यायालय में भेजा। जहां दोनों पक्षों की बहस-पैरवी सुनने के बाद न्यायाधीश ने दोषी पति सत्यानंद उर्फ पिंटू उपाध्याय निवासी कुढवा को तीन साल कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।