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उमस ने किया बेहाल, अस्पतालों में बढ़े मरीज

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जिले में बारिश के साथ-साथ अब उमस भी बढ़ गई है। इससे अस्पतालों मरीजों की भीड़ भी बढ़ने लगी है। एक तरफ जहां कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की आशंका से स्वास्थ्य विभाग अभी से इलाज का प्रबंध करने में जुटा है। वहीं दूसरी ओर मौसम में परिवर्तन से बढ़ी उमस व गर्मी के साथ ही संक्रामक रोग भी बढ़ने लगे हैं। मौसम में परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों में डायरिया, खांसी, जुकाम और वायरल फीवर की चपेट में बच्चे ंभी तेजी से आ रहे हैं। जिले में सरकारी, निजी चिकित्सालयों व क्लीनिकों में रोजाना करीब 50 से अधिक डायरिया के मरीज आ रहे हैं। मौसम की मार का सबसे अधिक असर बच्चों पर पड़ रहा है। केवल महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में सोमवार को डायरिया से पीड़ित 15 मरीज भर्ती किए गए। वहीं ओपीडी में सोमवार को कुल 737 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जिनमें करीब 60 से अधिक बच्चे शामिल हैं। तापमान ज्यादा होने और शरीर में पानी की कमी होने पर डायरिया होने की शिकायत ज्यादा होती है। इसके अलावा खानपान में लापरवाही भी बीमार का कारण बनती है। सोमवार को गोपीगंज निवासी अब्दुल कैप (16) शिवरामपुर निवासी देवी प्रसाद (72), रजपुरा निवासी दीनानाथ (45), भगवासपुर निवासी तेजधारी (48) लखनो निवासी राम प्रसाद (48) समेत कई लोग महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचे। वहीं बच्चों की भी संख्या कम नहीं रही इस क्रम में तनवी तीन साल, शालू एक साल, नमन पांच साल, कोमल सात साल, रिया ढेड़ साल, प्रीति सात साल, यश एक साल इलाज के लिए पहुंचे। बालरोग विशेषज्ञ डॉ. बीएस दुबे ने बताया कि अधिकांश बच्चे खांसी, जुकाम वायरल फीवर और उल्टी दस्त की बीमारी वाले आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मौसम में बदलाव और गर्मी के कारण बच्चे डायरिया और फंगस के चपेट में आ रहे हैं। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. लक्ष्मी सिंह ने बताया है कि डायरिया के मरीजों के इलाज की सभी अस्पताल में समुचित व्यवस्था की गई है। दवाएं आदि पर्याप्त मात्रा में हैं। लोगों को बचाव के तरीके भी बताए जा रहे हैं।
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