ज्ञानपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में धांधली थमने का नाम नहीं ले रही है। ग्राम पंचायत अधिकारी पात्रों को अपात्र और अपात्रों को पात्र बना दे रहे। डीघ ब्लॉक के खानापुर गांव में दो अपात्रों को आवास आवंटन करने पर ग्राम विकास अधिकारी को डीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने निलंबित कर दिया। दोनों अपात्रों से दो लाख 40 हजार की रिकवरी के लिए नोटिस जारी की गई। एक सप्ताह में सरकारी धन वापस करने की चेतावनी दी गई। जिले के 546 ग्राम पंचायतों में आवासविहीन लोगों को पक्का छत मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लागू किया है। जिले में अब तक 15 हजार से अधिक पात्रों को योजना का लाभ मिल चुका है। ग्राम प्रधान और सचिवों के तालमेल से बड़ी संख्या में अपात्रों को भी आवास आवंटित कर दिया गया है। डीघ के खानापुर गांव के ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर शिकायत कर आवास आवंटन में धांधली का आरोप लगाया था। डीएम के निर्देश पर उपायुक्त एनआरएलएम श्यामजी जांच अधिकारी नामित हुए। उन्होंने जांच की तो शिकायत सही मिली। जांच में पाया गया कि ग्राम विकास अधिकारी गोपाल मिश्रा ने अनीता देवी पत्नी महेंद्र और इंद्रावती पत्नी राम प्रताप को अपात्र होने पर भी पात्र दिखा दिया। जबकि मंजू देवी पात्र थीं, लेकिन पक्का मकान दिखाकर अपात्र कर दिया गया। शिकायत सही मिलने पर सीडीओ भानु प्रताप सिंह ने वीडीओ पर कार्रवाई का निर्देश दिया। डीडीओ जयकेश त्रिपाठी ने वीडीओ को निलंबित कर अपात्रों से रिकवरी की नोटिस जारी की। इसी तरह डीघ विकास खंड के सेमराध और डीघ गांव में अपात्रों को आवास आवंटित किया गया था। दोनों गांवों में आवास आवंटन में गड़बड़ी मिलने पर ग्राम पंचायत अधिकारी संजय कुमार दूबे और नितीश कुमार वर्मा को निलंबित किया गया था।