ज्ञानपुर। करीब सात महीने शुरू हुई हॉट कुक्ड योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। जिले 608 केंद्रों पर चूल्हे ही नहीं जल रहे हैं। वहां के हजारों बच्चों को भोजन नहीं मिल पा रहा हैं। कई बार पत्र जारी करने के बाद भी न तो ग्राम पंचायतों के प्रधान ही ध्यान दे रही हैं और नगरों के सभासद इस ओर से उदासीन बने हुए हैं।। सीडीओ ने चेतावनी भी दी लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा।
जिले में 1496 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसमें सवा लाख बच्चे पंजीकृत हैं। कुपोषण को खत्म करने के लिए पांच साल के बच्चों, गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्मागर्म भोजन दिया जाता था। पांच साल पहले हॉट कुक्ड योजना शासन ने बंद कर दी। सात महीने पूर्व दुबारा योजना शुरू की गई लेकिन अब तक हर केंद्र पर गर्मागर्म भोजन बच्चों को नहीं मिल पा रहा है। इसके पीछे ग्राम पंचायतों की उदासीनता सामने आ रही है। अधिकतर गांव में हाटकुक्ड बनाने के लिए पैसा जारी होने के बाद भी प्रधान से लेकर कोटेदार सहयोग नहीं कर रहे है। जिससे 1496 केंद्रों में करीब 608 केंद्र के चूल्हे अभी तक ठंडे हैं। याहं बच्चों को पोषाहार देकर भेजा जा रहा है।
औराई ब्लॉक के जेठूपुर, पुरूषोत्तमपुर, औराई समेत ज्यादातर गांव में कमोबेश एक जैसी ही स्थिति है। भदोही ब्लॉक के दानूपट्टी, चकभूईधर, चौरीखास में भी केंद्र पर पका पकाया भोजन नहीं मिल रहा है। विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो स्कूल से जुड़े केंद्रों पर यह सुविधा शुरू हो चुकी है, लेकिन 608 पर सहयोग न मिलने से व्यवस्था अभी आगे नहीं बढ़ सकी है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को पका-पकाया भोजन देने के लिए शासन की ओर से प्रति बच्चे सावा 4 रुपये की दर से भेजा गया है, लेकिन ग्राम पंचायतों का सहयोग न मिलने से बच्चे पोषाहार आदि देकर ही केंद्रों से लौटाया जा रहा है। गांव में प्रधानों और नगरों में सभासदों की ओर से बर्तन की खरीदारी न किए जाने से स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा है।
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ग्राम पंचायतों का सहयोग नहीं मिल पा रहा है। जिससे सात महीने बाद भी 608 केंद्रो पर हॉट कुक्ड योजना शुरू नहीं हो सकी। मुख्य विकास अधिकारी ने इसके लिए चेतावनी पत्र भी जारी किया, लेकिन उस पर भी कोई अमल नहीं हो सका।- मंजू वर्मा, डीपीओ
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