कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए महाराजा चेत सिंह जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों में तैयारी अब अंतिम चरण में है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब इन अस्पतालों में पीकू बेड समेत ऑक्सीजन पहुंचने तक व्यवस्थाएं की जा रही है। जिस तरह से संसाधनों की व्यवस्था की गई है, उससे ऐसी संभावना है कि अगर तीसरी लहर आती है तो बड़ा हो या छोटा, किसी के इलाज में कोई परेशानी नहीं होगी। दरअसल कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। इस क्रम में सभी पांच सीएचसी में 100 अतिरिक्त बेड बढ़ाए गए हैं। जबकि जिला अस्पताल ज्ञानपुर में 20 बेड का पीकू वार्ड तैयार हो चुका है। पांच हजार नवजात, 22 हजार बच्चे और 38 हजार से अधिक किशोरों को बचाने के लिए विभाग तैयारी में जुटा है। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर में ऑक्सीजन, बेड और दवाओं की किल्लत न रहे। इस पर स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस है। जिले में पांच प्लांट स्वास्थ्य विभाग की ओर से अपने अस्पतालों में लगाए जाने का काम तेजी से कराया जा रहा है। सुरियावां सीएचसी संग दो आक्सीजन प्लांट शुरू हो चुके हैं जबकि जिला अस्पताल में भी प्लांट के उपकरण बैठाने का काम तेजी से चल रहा । 15 अगस्त तक डीघ और औराई सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट के शुरू होने की संभावना है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक ने बताया कि सभी सीएचसी पर 100 बेड बढ़ाया गया है। जिले के सभी डाक्टरों, स्वाथ्यकर्मियों व पैरामेडिकल स्टाफ का पिछले सप्ताह ही दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। ऑक्सीजन प्लांट के लिए जिले के 50 बेड से अधिक निजी चिकित्सालयों को भी चिह्नित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि महाराजा बलवंत और चेतसिंह चिकित्सालय में100 बेड का ऑक्सीजन युक्त वार्ड बनाकर तैयार है। जिले में 5099 नवजात शिशु, 22 हजार बच्चों और 38845 किशारों को बचाने की तैयारी विभाग कर रहा है। वर्तमान में जिले में कुल सरकारी क्षेत्रों में 64 डॉक्टर हैं। इसमें 17 बाल रोग विशेषज्ञ मौजूद हैं। निजी चिकित्सालयों में वर्तमान में 39 डॉक्टर हैं। सीएमओ ने बताया कि तीसरी लहर को रोकने के लिए युद्धस्तर पर टीकाकरण कराया जा रहा है। बावजूद इसके तीसरी लहर आती भी है तो हमारे पास ऑक्सीजन और बेड की पूर्व की तुलना में कई गुना अधिक व्यवस्थाएं हो चुकी हैं। गांव के मरीजों को इलाज के लिए शहर तक नहीं आना होगा। सीएचसी पर ही मरीजों को इलाज मिले। इसके लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।