ज्ञानपुर/ऊंज। नवंबर के अंतिम सप्ताह तक खेतों से लगभग 40 फीसदी धान की कटाई-मड़ाई पूर्ण होते ही अब किसानों को पशुओं के निवाला की चिंता आसमान दूर करने में लोग जुट गए हैं। राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, आगरा, फिरोजाबाद समेत पश्चिम के अन्य प्रदेशों से आधुनिक कटर मशीनों के साथ ट्रैक्टर चालक जिले में दस्तक दे रहे हैं। जो इस वर्ष पांच रुपये प्रति मिनट महंगे दर से पुआल कुट्टी कटा रहे हैं। अब तक करीब 20 फीसदी लोग कुट्टी कटवा भी चुके हैं। पंजाब प्रांत से कटर मशीन ट्रैक्टर में लगाकर आए चालक गुरमीत, हरिशरण ने बताया कि वह पश्चिमी के प्रदेशों से लगभग 1500 किमी दूरी तय कर आते हैं। गत वर्ष 15 रुपये प्रति मिनट की दर से पुआल की कटाई कर लौटे थे। इस वर्ष सीजन शुरु होने पर दस्तक दी गई है जो प्रयागराज, भदोही, वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, मिर्जापुर तक पहुंच कर पुआल कुट्टी की कटाई कर पशुपालकों की समस्या दूर करते हैं। किसान रामराज, दीनदयाल, हरिनाथ, सुखराज, कपिलनाथ ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में जवां हो रही नई पीढ़ी हाथ मशीन से चारा काटना नहीं चाहती। न चाहते हुए भी पशुओं का पेट भरने के लिए एक साथ 40-50 बोझ पुआल कटाया जाता है। 20 से 30 मिनट में 40-50 बोझ पुआल बड़ी आसानी से ट्रैक्टरयुक्त कटर मशीनें काट देती हैं। आगरा, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद से आए ट्रैक्टर चालक मंजीत, नागराज, सोहनलाल सिंदे ने कहा कि डीजल के दाम में छह-सात रुपये की कमी आई है लेकिन कटर मशीनों में आने वाली गड़बड़ी, राशन का खर्च, रहने के लिए कमरे का किराया उसी पांच रुपये बढ़े दर में शामिल है।