ज्ञानपुर। बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की मार से किसानों के लगे घाव पर 13.67 करोड़ का मरहम लगेगा। तीनों तहसीलों से रिपोर्ट आने के बाद जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे की डिमांड शासन से की गई है। बजट आने पर एक सप्ताह के अंदर किसानों को मुआवजे की रकम मिलनी शुरू हो जाएगी। मुआवजे की गाइड लाइन से किसानों को रकम दी जाएगी। बुधवार रात से शुरू हुई आंधी-बारिश और ओलावृष्टि ने जिले में काफी तबाही मचाई। शुक्रवार तक जगह-जगह ओले गिरे और आंधी से फसलें गिर गईं। 200 से 300 ग्राम तक के ओले गिरने से दलहनी और तिलहनी फसल करीब-करीब चौपट हो गई। इससे किसानों की गाढ़ी की कमाई मिट्टी में मिल गई। जिले के ज्ञानपुर, औराई और भदोही तहसील में करीब 30 से 35 फीसदी फसल नष्ट हुई। ओलावृष्टि से सब्जी की फसल के साथ ही चना, मटर, अरहर और सरसों के फसलों को भी गहरा आघात पहुंचाया। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में 55 हजार हेक्टेयर गेहूं, आठ हजार में दलहन-तिलहन के अलावा सब्जी और अन्य फसलों को लेकर कुल लगभग 70 हजार हेक्टेयर में खेती हुई है। इस लिहाज से करीब 25 हजार हेक्टेयर फसल नष्ट हुई। मौसम की मार से लाचार हुए किसानों को राहत देने के लिए जिला प्रशासन की ओर से मुआवजे की मांग की गई है। अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र मिश्रा ने बताया कि तीनों तहसीलों के लिए 13.67 करोड़ की मांग की गई है। दो से तीन दिन में पैसा आते ही किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रति हेक्टेयर नौ हजार रुपये के हिसाब से मुआवजा मिलेगा।