ज्ञानपुर। मुहर्रम के दसवें दिन शनिवार को यौमे आशूरा का जुलूस अकीदत के साथ संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल अकीदतमंदों ने शहीदाने कर्बला की याद में या हुसैन की सदाएं बुलंद की और चौक से कर्बला तक ताजियादार, चौकदार, अखाड़ेदारों ने फन-ए-सिपहगिरी का भव्य प्रदर्शन किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी तीनों सर्किल औराई, भदोही, सदर में विभक्त नगर, बाजार, ग्रामीणों तक पहुंच कर मुस्तैदी दिखाई। सुरक्षा व्यवस्था के बीच ही कर्बला पहुंचे ताजियों को ठंडा कर लोगों ने वापसी की।
इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक मुहर्रम नये साल या हिजरी सन का शुरुआती महीना होता है। बकरीद के 20 दिन बाद चांद दिखने पर मुहर्रम मनाने का सिलसिला शुरु हो जाता है। मान्यता भी है इसी महीने में हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। इरराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह था जो इंसानियत का दुश्मन था। यजीद का मकसद था कि हजरत इमाम हुसैन उसके खेमे में शामिल हो जाए जो इमाम हुसैन को मंजूर नहीं था। मुहर्रम के दसवें दिन इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ शहीद भी हो गये।
गोपीगंज नगर में पहला जुलूस चूड़िहारी रोहाल से अखाड़ा शेख सलामत खान, सोनिया तालाब, नईबस्ती, फूलबाग, मेवड़ापुर, अमवा से निकल कर राजमार्ग, सदर महाल, पश्चिम महाल होते हुए जुलूस गिराई स्थित कर्बला पहुंचा। जुलूस में चेयरमैन जितेन्द्र गुप्ता, एएसपी राजेश भारती, एसडीएम सदर बरखा सिंह, नायब तहसीलदार नितिन कुमार, सीओ प्रभात राय, प्रभारी निरीक्षक सदानंद सिंह, अखाड़ेदार सरवर खान, हाजी मुमताज हाशमी, समशुल हक, एनुलहक, चुन्नू अली, अफरोज अली, पप्पू, माबूद खान, सिराज अख्तर आदि रहे। दूसरा जुलूस पश्चिम महाल सराय से धूम खां अखाड़ा से निकला, जो भगवतपुर अखाड़े में शामिल होकर अंजही मोहाल, सदर महाल की ओर बढ़ते हुए छोटी चौमुहानी पर डेरवां बर्जी, कौलापुर, गिराई के साथ कर्बला पहुंच कर ताजिया को ठंडा किया।
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कर्बला में ठंडे हुए ताजिये
सुरियावां। क्षेत्र के कुंदीपुर से अब्दुल गनी, इकबाल अहमद, अहमद अली, असलम, हारुन, मकसूद, शकीफ अंसारी, वारिस इस्लाम, मुमताज मुस्तफा के साथ निकला जुलूस लगी बाजार स्थित कर्बला पहुंचा। इसी तरह पुरानी बाजार से बरकत अली, कुजड़ान मोहाल, बावन बीघा, तुलापुर बहादुररान, गहरपुर फाटक, नेतानगर, भीमसेनपुर के ताजिये जुलूस के साथ अलग-अलग कर्बला में ठंडे हुए। इसी तरह नवधन नटबस्ती, दरवांसी रेलवे लाइन उत्तरी-दक्षिणी, गोधना के ताजिया सूफीनगर दरगाह वाले कर्बला आए।
दुर्गागंज प्रतिनिधि के अनुसार जददूपुर, शेरपुर-गोपालहां, मानीडीह, भागीरथीपुर के ताजिया अपने कर्बला पहुंचे। मोढ़ प्रतिनिधि के अनुसार सिंहपुर, सनाथपुर, कस्तूरीपुर, चकचंदा, भिखारीरामपुर, विष्णुपुर, पुरानी मोढ़, कोछिया, नईबस्ती, डुड़वा, करियांव, लालीपुर के ताजिए पूर्व से तय कर्बला में ठंड हुए। जंगीगंज प्रतिनिधि के अनुसार बाजार, पूराकानूनगोयान, बड़ागांव, महुआरी के ताजिया सरायजगदीश कर्बला पहुंचे। इसी तरह माधोसिंह, खमरिया, भमौरा, त्रिलोकपुर, उगापुर, महराजगंज, बाबूसराय, कठारी के ताजिया जुलूस के रुप में देर शाम तक कर्बला पहुंचते रहे। चौरी प्रतिनिधि के अुसार रोटहां, मानिकपुर, मोमिनपुर के ताजिया भी भदोही-वाराणसी मुख्य सड़क से होकर कर्बला गये।
ज्ञानपुर। जिले के विभिन्न इलाकों में उठने वाली ताजिया को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम रहे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, एएसपी राजेश भारती सहित अन्य अधिकारी लगातार चक्रमण करते रहे। इस दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे और एक-एक गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। ताजिया जुलूस के दौरान किसी तरह कोई अप्रिय घटना न हो और शांतिपूर्ण तरीके से ताजिया जुलूस सम्पन्न हो। इसको ध्यान में रखकर ताजिया जुलूसों की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही थी। जिसकी मॉनीटरिंग खुद एसपी व एएसपी कर रहे थे।