नगर को साफ सुथरा बनाने, शहर में यहां वहां गड्ढों, मैदान में कूड़ा कचरा फेंकने से बचाने के लिए शहर में 33.67 की लागत से मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) बनकर तैयार है। लेकिन अभी इसके शुरू होने में कुछ समय लग सकता है। क्योंकि अभी उसमें मशीन स्थापित होना बाकी है। कोविड-19 से लगभग डेढ़ वर्ष समय बर्बाद न हुआ होता तो शायद अब तक शुरू भी हो गया होता। नगर पालिका का प्रयास है कि शीघ्र मशीन के लिए धन आ जाए तो इसका शुभारंभ भी कर दिया जाएगा। जानकारी हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन के तहत नगरीय क्षेत्रों को साफ सुथरा बनाने के लिए भदोही नगर को एमआरएफ योजना में शामिल किया गया था। मामदेवपुर में केंद्र की स्थापना हो चुकी है। पूरा ढांचा चालू वर्ष के प्रारंभ से ही बन कर तैयार है लेकिन अब तक मशीन नहीं लग सका है। अधिशासी अधिकारी जी लाल ने बताया कि इस आधुनिक मशीन से लैस इस केंद्र के शुरू हो जाने से शहर में कहीं भी कूड़ा डंप नहीं होगा। बल्कि हर प्रकार का कूड़ा, कचरा एमआरएफ में ले जाकर व्यवस्थित किया जाएगा। जानकारी हो कि भदोही नगर पालिका क्षेत्र में प्रतिदिन 41 एमटी कूड़ा निस्तारित होता है। यह कूड़ा पालिका की सफाई टीम जगह जगह से उठाकर कहीं गड्ढे में तो कहीं खाली स्थान पर डंप कर देती है। जगह जगह डंप हो रहे कचरे से शहर की आबोहवा बिगड़ रही है। जिन मोहल्लों में कूड़ा डंप कर दिया जाता है वहां के लोगों की नींद हराम है। अभी बारिश का मौसम है तो जिन सड़कों के किनारे कूड़ा डंप है उस सड़क से गुजरना मुश्किल हो जाता है। शहर का मछरहट्टा रोड, जलालपुर रोड, बाजार सलाबत खां, आदि कुछ ऐसे स्थान हैं जहां के लोग कई बार कूड़ा फेंकने से मना कर चुके हैं लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल सकी है।