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ऊफान पर गंगा, नाव के संचालन पर लगायी गई रोक

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गंगा का जलस्तर बढ़ने से रामपुर घाट पर डूबी सीढ़ी। संवाद - फोटो : BHADOHI
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सीतामढ़ी/गोपीगंज। उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार को 5.88 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से पानी बढ़ रहा है। रामपुर और सीतामढ़ी गंगा घाट की कई सीढ़ियां डूब गई है। गंगा की तेज हिलोरे देख नावों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। सीतामढ़ी में बीते चार दिन के भीतर 4.69 मीटर पानी बढ़ा है। हालांकि अभी चेतावनी बिदु से 3.66 मीटर पीछे है। जलस्तर में बढ़ाव से कटान प्रभावित गंगा तटीय गांव के किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं, यही स्थिति रही तो शनिवार से किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि गंगा कटान की भेंट चढ़ने लग जाएगी। छेछुआ, भुर्रा,इटहरा, मवैयाथान सिंह आदि गांवों की गंगा तरी की जमीनें गंगा कटान की जद में आ जाती हैं। जैसे ही गंगा का जलस्तर 76 से 77 मीटर पार करता है तो इन गांवों में गंगा कटान भी शुरू हो जाता है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सीतामढ़ी घाट की तीन पक्की सीढ़ी पानी में डूब गई हैं। इसी तरह उड़िया बाबा आश्रम के पास गंगा बाढ़ का पानी पहुंच गया है। जबकि धवासा नाथ आश्रम की आधा दर्जन सीढियां पानी में डूब गई हैं। अधिशासी अभियंता नहर पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि गंगा का जलस्तर 5.88 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। अब तक जलस्तर 76.54 मीटर तक पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर जलस्तर बढ़ने पर रामपुर गंगा घाट पर मोटर बोट, स्टीमर का संचालन शुक्रवार से बंद कर दिया गया। नाव का संचालन बंद होने से गंगा पार से आने वालों की मुश्किल बढ़ गई हैं। अब आने-जाने के लिए मिर्जापुर के शास्त्री पुल का सहारा लेना पड़ रहा है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से गुलौरी घाट पर किनारे लगी नावें। संवाद- फोटो : BHADOHI

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