ज्ञानपुर। औराई ब्लॉक में स्वीकृत चार करोड़ की सिंचाई परियोजना फाइलों में अटक गई है। शासन की ओर से इसे एक वर्ष पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है। पहले विभागीय और तकनीकी पेंच फंसने से दिक्कत हुई। अब एक महीने से जिला प्रशासन की मुहर का इंतजार हो रहा है। इससे आने वाले दिनों में किसानों को सिंचाई की चिंता सताने लगी है। जिला प्रशासन की मुहर लगते ही इसे शासन के पास धन आवंटन के लिए भेजा जाएगा।
जिले में बीते चार दशक से 546 ग्राम पंचायतों में 520 राजकीय नलकूप लगभग दो लाख से अधिक किसानों की सिंचाई की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। इन नलकूपों से हर साल रबी और खरीफ सीजन में 50 फीसदी किसानों की जरूरत भी पूरी नहीं हो पाती है। बीते साल विभाग ने 17 नये नलकूपों की स्थापना की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी थी। जिसके बाद शासन की ओर से औराई ब्लाक के 10 गांवों में नलकूप लगाने की स्वीकृति दी। जिसमें प्रति नलकूप 40 लाख रुपये खर्च किए जाने हैं। शासन की स्वीकृति के बाद भी बीते एक साल से विभाग में जमीन चिन्हांकन को लेकर पेंच फंसा हुआ था। एक महीने पहले ही जमीन की चिन्हांकन होने के उपरांत जिलाधिकारी के समक्ष स्वीकृति के लिए फाइल भेज दी गई है। विभाग को जिलाधिकारी के स्वीकृति का इंतजार है।
अधिशासी अभियंता नलकूप (सिंचाई) राजेश भारतीय ने बताया कि कार्य योजना की स्वीकृति तीन बार रिमाइंडर भेजने पर मिल सकी है। नये नलकूप औराई ब्लाक के किस गांव में लगेंगे, संबंधित तहसील से जमीन का सीमांकन के बाद स्वीकृति के लिए फाइल कलेक्ट्रेट प्रशासन को सौंपी गई है। उन्होंने निकाय चुनाव की व्यवस्तताओं के कारण फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है। इस पर जिलाधिकारी की अनुमति के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
30 हजार किसान उठाएंगे लाभ
ज्ञानपुर। औराई ब्लॉक में 10 नए नलकूपों का निर्माण कर लिए जाने के बाद इससे जुड़े लगभग 30 हजार किसानों को लाभ होगा। आगामी गर्मी के दिनों में खेती की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसानों को पानी की आवश्यकता होगी। ऐसे में अगर नककूपों का निर्माण हो जाता है तो किसानों को इसका लाभ मिलेगा। औराई ब्लाक के झौंवा निवासी किसान राकेश कुमार पांडेय, लक्ष्मणा निवासी फूलगेन तिवारी, महराजगंज निवासी कृष्णकुमार राय, गोरीडीह निवासी सुरेश कुमार सिंह, नटवां निवासी रामबिलास शुक्ला, शुकुलपुर-चकबीरा निवासी अंजनी कुमार शुक्ला ने कहा कि सिंचाई क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या यह है। ऐसे में अगर शासन की स्वीकृति मिली है तो इस पर जिला प्रशासन सक्रियता दिखाते हुए किसान हित में नलकूपों के निर्माण की फाइल की स्वीकृति देनी चाहिए।