लालानगर। श्मशान में अंतिम संस्कार के नाम पर की जा रही अवैध वसूली के मामले में प्रशासन सख्त हो चुका है। बुधवार को प्रभारी निरीक्षक केके सिंह गोपीगंज ने रामपुर घाट का निरीक्षण कर यथा स्थिति की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी। डीएम और एसपी ने अंतिम संस्कार के लिए रेट तय कर दिया है। डीएम आर्यका अखौरी और एसपी रामबदन सिंह ने दूर और नजदीक क्षेत्रों से आने वालों के लिए रेट का निर्धारण कर दिया जिसमें प्रति शव के कफन, फूलमाला 500 रुपए, सूखी लकड़ी प्रति मन 500 रुपये, चिता में आग 501 से लेकर 1100 , शव को घर से घाट तक लाने के लिए 1000-1500 निर्धारित कर चौकीदारों से शव का पंजीकरण, अंतिम संस्कार के बाद प्रमाणपत्र देने का निर्देश दिया गया। तीन दिन से अंतिम संस्कार का रेट निर्धारित होने के बाद भी घाटवासी अपनी मनमानी पर विराम नहीं लगा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन की ढुलमुल नीति पर सवाल उठाया है कि वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के प्रभाव में आकर प्रतिदिन 40 से 50 लोगों की मौत हो रही है और प्रति घाट पर लगभग 30-40 शव का अंतिम संस्कार आम बात है। सड़कों पर छोटे-बड़े वाहनों से आने वाले शवों का क्रम नहीं रुक रहा है। टाल से लकड़ियां गायब हो चुकी है। विवशता वश लोग महंगे दर पर सूखी लकड़ी को खरीदने के लिए विवश हैं लेकिन जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित रेट का पालन कराने में आगे नहीं आ रहे हैं। इसी का परिणाम है कि गंगा घाट रामपुर, सीतामढ़ी, गुलौरी, भोगांव, कलिंजरा, धनतुलसी-डेंगुरपुर, बारीपुर, बेरवांपहाड़पुर, जहांगीराबाद, डेरवां, बिहरोजपुर, बदरी में घाटवासी आग देने के नाम पर विवाद बढ़ाने में कमी नहीं छोड़ते। आर्थिक संपन्नता वाले मुंहमांगी कीमत देकर चले जाते हैं लेकिन गरीबों को उलझने के लिए मजबूर होना पड़ता है। डीएम आर्यका अखौरी ने कहा कि मामले में पूरी तत्परता बरती जा रही है। मनमानी करने वालों को चिह्नित कराकर कार्रवाई की जाएगी।