ज्ञानपुर। जिले में अग्निशमन विभाग के पास संसाधन और कर्मचारी तो पर्याप्त हैं, लेकिन फायर हाइड्रेट की कमी बरकरार है। जिले में महज 12 फायर हाइड्रेट संयंत्र उपलब्ध है। जिले में अप्रैल से जून के बीच अगलगी के मामले ज्यादा आते हैं। घटना की सूचना मिलने पर फायरकर्मी मौके पर पहुंच जाते हैं। अधिकतर मामलों में देखा जाता है कि वे फायर हाइड्रेट की कमी के चलते आग पर काबू पाने में असफल हो जाते हैं।
जिले की 546 ग्राम पंचायतों और सात नगर निकायों में करीब 20 लाख की आबादी रहती है। गर्मी शुरू होते ही शॉर्टसर्किट से आगलगी घटनाएं सामने आती हैं। इनमें खेतों में हाईटेंशन के तार की वजह से आगलगी के मामले ज्यादा होते हैं। आग बुझाने के लिए ज्ञानपुर, भदोही और औराई तहसील में अग्निशमन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र में वाहन और फायर कर्मी प्रर्याप्त है। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ओम प्रकाश ने बताया कि जिले मेें आबादी के हिसाब से फायर हाइड्रेट संयंत्र की संख्या काफी कम है। सरकारी-अर्ध सरकारी क्षेत्रों को मिलाकर कुल 12 स्थानों पर फायर हाईड्रेट संयंत्र हैं। इसके बाद भी विभागीय वाहनों को पानी की उपलब्धता निकायों से सुनिश्चित की जाती है। बढ़ती आबादी और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के हिसाब से फायर हाइड्रेंट की संख्या में पांच गुना अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संसाधन और कर्मचारी विभाग के पास पर्याप्त हैं, लेकिन फायर हाईड्रेंट न होने से पानी भरने के समय दिक्कत होती है। उन्होंने बताया कि हाइड्रेंट बढ़ाने के लिए कई बार शासन को पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया।
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अग्निशमन विभाग के पास संसाधन एवं कर्मचारी
ज्ञानपुर। अग्निशमन विभाग में फायरमैन 27, चालक तीन, एक अग्निशमन अधिकारी है। तीन फायर टैंकर, हाईप्रेशर पंप एक, दो जीप, दो पंप मौजूद हैं।
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डीघ ब्लॉक में अग्निशमन केंद्र निर्माण में देरी तय
ज्ञानपुर। जिले के सूदूरवर्ती सीतामढ़ी, कोनिया क्षेत्र में आग बुझाना चुनौती है। करीब दशक भर पूर्व से चल रही मांग के बाद डीघ ब्लॉक में अग्निशमन केंद्र के लिए जमीन की तलाश की गई, लेकिन मामला न्यायालय में चला गया है। जिससे फिलहाल जल्द निर्माण की उम्मीदें धूमिल हो गई हैं। प्रभारी अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि आग से बचाव के लिए सीतामढ़ी के समीप एक वाहन भेजा जाता है। नए केंद्र की जमीन का मामला कोर्ट में विचाराधीन है।