दवा फैक्ट्री में तेज धमाके के बाद लगी आग,
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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घर की एक महिला छत पर बचाने के लिए गुहार लगा रही थी। पड़ोसियों ने मंजर देखा तो किसी तरह से उसको सीढ़ी से नीचे उतारा। इसके बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस व अग्निशमन विभाग को दी। आसपास के लोग पानी डालते रहे लेकिन आग की लपटें तेज होती चली गईं। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह से मिट्टी व बालू फेंककर आग पर काबू पाया।
बाहर हिस्से में बने आवासीय घर में भी गृहस्थी के सामान में लगी आग को पानी से बुझाया गया। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह पहुंचे और जायजा लिया। उन्होंने बताया कि घटना में फॉस्फोरस व सल्फर को मिलाकर कोई तेल बनाया जा रहा था, जिससे तेज धमाके साथ हादसा हुआ।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि नगर के घनी बस्ती में संचालित इस दवा फैक्ट्री के लिए अग्निशमन विभाग से कोई एनओसी व लाइसेंस नहीं लिया गया था। अब तो ड्रग विभाग की जांच में पता चलेगा कि वहां से भी कोई रजिस्ट्रेशन कराया गया है या नहीं। हादसे में परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से झुलसे थे। जिसमें एक की मौत हो गई।