ज्ञानपुर। चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगी का शिकार होने के बाद न्याय की आस लगाए लोगों को बुधवार को उस समय झटका लगा, जब उनकी फाइलें तहसील के बाहर फेंकी मिलीं। इसकी भनक लगने पर अधिवक्ताओं ने जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि गरीबों ने अपनी मेहनत कमाई गंवाने के बाद न्याय की आस लगाकर यहां पहुंचे थे, लेकिन यहां उनकी फाइलों को इस तरह लावारिस हाल में फेंक दिया जाता है, जो बिल्कुल सहीं नहीं है। अधिवक्ता दिनेश प्रजापति ने बताया कि वे किसी काम के सिलसिले में तहसील में गए थे। इस दौरान ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए खोले गए काउंटर के कक्ष के बाद लगभग 400 से 500 फाइलें फेंकी हुई दिखायी थी। जब उसे उठाकर देखा गया तो वह चिंटफंड कंपनियों को लेकर शिकायत की फाइल थी। इस संबंध में तहसील में बैठे किसी भी कर्मी ने संतोषजनक उत्तर देना उचित नहीं समझा। हंगामा करने वाले अधिवक्ताओं में मुकुंद मोदनवाल, सुलभ सरोज, दिनेश जायसवाल सहित अन्य रहे।