ज्ञानपुर। भदोही तहसील एक बार फिर सुर्खियों में है। मर्यादपट्टी के एक तालाब पर अतिक्रमण से जुड़ी फाइल एसडीएम कार्यालय से गायब हो गई। मामला संज्ञान में आने पर डीएम ने शुक्रवार को एसडीएम और पेशकार को तलब कर लिया। देर शाम फाइल तो मिल गई, लेकिन मामले में पेशकार पर गाज गिर गई। भदोही के पेशकार को वहां से हटाकर ज्ञानपुर भेजा गया।
भदोही तहसील क्षेत्र के मर्यादपट्टी में तालाब पर अतिक्रमण से जुड़ी एक फाइल एसडीएम न्यायालय में लंबित है। भूमाफिया ने तहसील कर्मियों से तालमेल बनाकर वह फाइल वहां से हटवा दिया। करीब एक महीने से वह फाइल नहीं मिलने पर पीड़ित ने डीएम से शिकायत की। जिस पर डीएम विशाल सिंह ने एसडीएम भदोही भान सिंह और पेशकार को तलब कर लिया।
एसडीएम ने बताया कि वह फाइल उनके आने के पहले की है। डीएम की फटकार के बाद देर शाम वह फाइल मिल गई, हालांकि अब तक वह कहां थी। इसके बारे में पेशकार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। जिस पर डीएम ने भदोही के पेशकार राम प्रसाद को वहां से हटाकर ज्ञानपुर भेज दिया, जबकि ज्ञानपुर के पेशकार वारिश अली को भदोही भेजा। एसडीएम भदोही भान सिंह ने कहा कि एक महत्वपूर्ण फाइल गायब होने के मामले में डीएम ने पेशकार को हटा दिया है।
कर्मचारियों और भूमाफियाओं का तालमेल
कागजों में हेराफेरी से लेकर अन्य गतिविधियों को लेकर पहले ही भदोही तहसील चर्चा में रही है। यहां कुछ मठाधीश कर्मियों और भूमाफियाओं के तालमेल से कीमती जमीनों की नवैयत (भूमि के प्रकार) ही बदल दी जाती है। यही नहीं कई फाइलें तक गायब हो जाती हैं।